Monday , 18 December 2017
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19 साल का अंतर, फिर भी आदर्श दंपती थे रामकृष्ण-शारदा

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आजकल रिश्तों की डोर बेहद कमजोर हो गई है, ऐसे में रामकृष्ण परमहंस और मां शारदा का दाम्पत्य जीवन लोगों के लिए प्रेरणा बन सकता है।

उम्र में 19 साल का अंतर होने के बावजूद दोनों ने आदर्श जीवन व्यतित किया। दोनों ही जितने सांसारिक थे, उतने आधात्यमिक भी थे। मां शारदा के साथ रह कर रामकृष्ण परमहंस एक आदर्श गृहस्थ थे, तो एक आदर्श संन्यासी भी रहे।

मां शारदा का जन्म पश्चिम बंगाल के जयराम वाटी में हुआ था। ग्रामीण माहौल में पली-बढ़ी मां शारदा का विवाह महज छह साल की उम्र में रामकृष्ण परमहंस से हो गया था। तब परमहंस की उम्र करीब 25 साल थी।

विवाह के बाद रामकृष्ण कलकत्ता चले आए, जहां उन्होंने खुद को दक्षिणेश्वरी मां काली की साधना में अर्पित कर दिया था।

कुछ साल बाद मां शारदा पूर्ण युवती होती हैं तो उनके मन में अपने पति के पास जाने की इच्छा जागती है। वे स्नान यात्रा पर निकले कुछ लोगों के साथ कलकत्ता रवाना होती हैं, लेकिन बीच रास्ते में उन्हें तेज बुखार आ जाता है।

मां शारदा सोचती हैं, अब उनका अपने पति से मिलना संभव नहीं होगा। तभी रात्रि में एक कन्या उनके सिरहाने आती है और कहती है, तेरा अपने पति से मिलन जरूर होगा। तू कलकत्ता जा। तेरे लिए ही मैंने उसे दक्षिणेश्वर में रोक रखा है।

Hindi to English

Nowadays, the bond of relationships has become very weak, in such a way, the life of Ramkrishna Paramhans and mother Sharda can be an inspiration for the people.

Despite having a gap of 19 years, both of them lived an ideal life. Both of them were worldly as well as semi-spiritual. Ramkrishna Paramhans was an ideal householder living with his mother Sharda, even if he was an ideal sannyasin.

Mother Sarada was born in Jairam Vati of West Bengal. Sarada, a well-known mother in the rural environment, was married to Ramkrishna Paramahansa at just six years of age. Then Paramhansa was about 25 years old.

After marriage, Ramkrishna came to Calcutta, where he had offered himself in the sadhana of Dnyeshwari mother Kali.

After a few years, mother Sharda is a full-fledged maiden, then she has a desire to go to her husband. They leave for some people on the pilgrimage to Calcutta, but in the middle of the road they get high fever.

Mother Sharda thinks, it will not be possible to meet her husband now. In the night, a girl comes to her head and says, “You must meet your husband.” You go to Calcutta For you, I have kept it in Dakshineshwar.

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