Wednesday , 12 July 2017
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उस मनहूस चेहरे में छिपा था एक राज

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उस मनहूस चेहरे में छिपा था एक राज

उस मनहूस चेहरे में छिपा था एक राज

मशहूर होने के लिए लोग क्या कुछ नहीं करते लेकिन एक व्यक्ति इस बात के लिए मशहूर था कि, ‘उसका चेहरा मनहूस था।’ यह किस्सा काफी पुराना है। हुआ यूं कि उस व्यक्ति की शिकायत लोगों ने राजा से कर दी।

 लेकिन, लोगों की बातों पर राजा को विश्वास नहीं हुआ। तब राजा ने स्वंय ही उस व्यक्ति के चेहरे की परीक्षा लेने का विचार किया। राजा ने उसे अपने महल में ही रहने का स्थान दिया। और एक सुबह उसका चेहरा देखने को पहुंचा।
और अपने राज काज की उलझनों को सुलझाने में व्यस्त हो गया। संयोगवश उस दिन राजा भोजन नहीं कर पाया। राजा ने शाम के समय इस निर्णय पर पहुंचा कि उस व्यक्ति का चेहरा सचमुच ही मनहूस है।
राजा ने उस व्यक्ति को उसी दिन मृत्युदंड देने की घोषणा कर दी। जब यह बात मंत्री को पता चली तो उसने राजा से कहा, ‘इस व्यक्ति को मृत्युदंड क्यों दे रहे हैं?’
तब राजा ने मंत्री को सभी आप बीती सुना दी। तब मंत्री ने कहा, महाराज आज इस दिन सबसे पहले आपका चेहरा देखा था। और आज ही इसे मृत्युदंड मिल गया।
इसलिए आप ही निर्णय लें। कि कौन सबसे ज्यादा मनहूस है। राजा मंत्री की बात सोचकर हैरान हो गया और राजा ने मंत्री के नजरिए से इस बात को सोचा। और उस व्यक्ति को उपहार और धन देकर विदा किया।

Hindi to English

People do not do anything to be famous, but one person was famous for the fact that ‘his face was miserable’. This story is quite old. It happened that people complained to that person, to the king.

But, the king did not trust the things people did. Then the King himself decided to take the examination of the face of that person. The king gave him the place of stay in his palace. And one morning to see his face reached.

And he got involved in solving the conflicts of his rule. Coincidentally, the king could not eat food that day. The king reached the decision in the evening that the face of that person is really ill-fated.

The King announced the death penalty to the person on that day. When the minister came to know about this, he said to the king, ‘Why are you giving death to this person?’
Then the king heard the minister all about you. Then the minister said, Maharaj was the first to see your face on this day. And today it got the death penalty

That’s why you make the decision. Who is the most miserable. The king was surprised to see the minister and the king thought of this from the minister’s perspective. And he paid the gift and money to the person.

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