Monday , 18 September 2017
Latest Happenings
Home » books » एक लघुकथा सवा मणी

एक लघुकथा सवा मणी

a-short-story

a-short-story

the temple of Hanuman ji,

हनुमान जी के मन्दिर में सवामणी चढ़ा कर लौटते हुए एक भक्त से उसके बेटे ने गुब्बारे दिलवाने की जिद की। बच्चा पिट गया। वजह शायद बच्चे की जिद रही होगी या सवामणी के पुण्य का दम्भ इतना बढ़ गया होगा कि भक्त सिर्फ उसी में बौराया था और उसका बच्चे के भाव से तारतम्य टूट गया हो । या फिर वह अपनी ही उलझनो से इतना बोझिल था कि उसका ईश्वर के घर आ कर भी गुस्से पर काबू ना रहा।

गुब्बारे वाले के पास बहुत भीड थी, भीड़ में से भी उसकी नजर पिटते बच्चे पर जा पड़ी। बच्चा रो रहा था और भक्त पिता बच्चे को डांटे जा रहा था। गुब्बारे वाला उस बच्चे की ओर आया और एक गुब्बारा बच्चे के हाथ में पकड़ा दिया। भक्त ग़ुस्से में तो था ही। वह गुब्बारे वाले से उलझ पड़ा । “तुम मौके की ताड मे रहा करो बस, कोई बच्चा तुम्हे जिद करता दिख जाए बस। झट से पीछे लग जाते हो। नही लेना गुब्बारा।” और भक्त ने गुब्बारे वाले को बुरी तरह झिडक दिया।

गुब्बारे वाला बच्चे के हाथ में गुब्बारा पकड़ाते हुए बोला-” मैं यहाँ गुब्बारे बेचने नही आता, बांटने आता हूं। किसी दिन मुझे किसी ने बोध करवाया कि ईश्वर तो बच्चों मे है। मैं हर मंगलवार सौ रूपये के गुब्बारे लाता हूँ। इनमे खुद ही हवा भरता हूं। एक गुब्बारा मंदिर मे बाँध आता हूं बाकि सब यहाँ बच्चों मे बाँट देता हूँ। मेरा तो यही प्रसाद हैं। हनुमान जी स्वीकार करते होंगे ना।

सवा मनी का बड़ा पुण्य भक्त को एकाएक छोटा लगने लगा।

Translate Into Hindi to English

Returning to the temple of Hanuman ji, after returning from the temple, a son of a devotee insisted on getting balloons. The child was beaten. The reason perhaps may have been the child’s insistence or the dignity of the Goddess of the Goddess would have increased so much that the devotee had only been buried in it and his son had broken up with the spirit of his child. Or he was so cumbersome with his own confusion that even after coming to his God’s house, anger did not control him.

The ballooner was very crowded, too, from the crowd, he was caught by the boy who was scared. The child was crying and the devotee father was being scolded to the child. The balloon came to the child and caught a balloon in the hand of the child. The devotee was only in anger He got confused with the balloon. “You should stay in the tune of the spot, just a child seems to insist on you. Just get behind the back. Do not take the balloon.” And the devotee gave a blow to the balloon badly.

Holding a balloon in the hand of the balloon, she said, “I do not want to sell balloons in here, I have somehow got to know that some day God is in the child. Every single day I get hundred bucks of balloons. I fill the air in a balloon temple, I divide all the children here, and this is my only gift.
The great virtue of Savani Money seemed to be a little small.

 

Comments

comments