Tuesday , 19 September 2017
Latest Happenings
Home » APJ » अब्दुल कलाम राष्ट्रपति

अब्दुल कलाम राष्ट्रपति

abdul-kalam-president

abdul-kalam-president

Dr. Abdul Kalam was contesting for the post of President

सन् 2002 मे डा० अब्दुल कलाम राष्ट्रपति पद के लिये चुनाव लड़ रहे थे, उनके चुनाव का काम-काज भाजपा नेता प्रमोद महाजन देंख रहे थे, क्योकि कलाम साहब को राजनैतिक अनुभव नही था!

एक दिन प्रमोद महाजन ने कलाम जी से पूँछा कि आपका नामांकन भरना हैं, मै किस दिन तस्तावेज लेकर आपके हस्ताक्षर लेने आऊँ, क्या आपका कोई शुभ दिन है!

कलाम जी ने कहा- “मै एक वैज्ञानिक हूँ, अतः मै यह जानता हूँ कि ये जितने भी ग्रह-नक्षत्र है, सब अपनी निरन्तर चाल से चल रहे हैं! इनकी चाल मे ना तो कभी परिवर्तन आता है और ना ही अवरोध, अतः कोई भी दिन-समय शुभ और अशुभ नही होता, आप जब भी आना मै हस्ताक्षर कर दूँगा

ये क्रांतिकारी शब्द हमारे देश के महान वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति डा० कलाम के थे! कलाम साहब ने बिना कोई शुभ-अशुभ समय के हस्ताक्षर किऐ और चुनाव भी जीते।

अब आप जरा विचार करो कि हमें शनि की साढ़े साती और मंगल की महादशा से डराया जाता है! पहले कुछ अनिष्ट होने का डर दिखाना फिर कुछ पैसे लेकर उसका निराकरण करना, यह बड़ी ताकतवर अर्थनीति का हिस्सा है!

आखिर जिस मंगल और चन्द्रमा तक पहुँचने के लिये सरकार अरबो रूपये खर्च करती है, उसकी चाल को मंत्र मारकर कैसे बदला जा सकता है! आखिर वो कौन सा मंत्र है जिससे शनि और मंगल अपनी चाल और दशा बदल देते है!

Translate Into Hindi to English

In 2002, Dr. Abdul Kalam was contesting for the post of President, BJP’s Pramod Mahajan, who worked for his election, was seen, because Kalam had no political experience!

One day Pramod Mahajan asked Kalam to fill in your nomination, on which day should I ask for your signature, do you have a good day!

Kalam ji said – “I’m a scientist, so I know that all the planets and constellations that are in it are running with their constant movements! They do not change either in their moves or obstructions, so somebody It is not auspicious and inauspicious from day to day, whenever you come to sign I will ”

These revolutionary words were from our country’s great scientist and former President Dr. Kalam! Kalam sir without signing auspicious time and winning elections also.

Now think of us that we are scared of Saturn’s Saturn and Mars Mahadasha of Saturn! First, to show fear of some misfortune, take some money and fix it, it is a part of a very powerful economy!

After all, to reach the Mars and the Moon, the government spends billions of rupees, how can it be changed by chanting its trick! After all, what is that mantra, by which Saturn and Mars change their trick and condition!

It is a saga, come out of this Pongapanth and go towards scienceism and save your money from the clever trick!

Comments

comments