Monday , 6 February 2017
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Bhagwan Shree krishna se Phle islie Hanuman ji ne Uthaya tha gowardahan Parvat,,,,

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भगवान श्री कृष्ण से पहले इसलिए हनुमान जी ने उठाया था गोवर्धन पर्वत

गोवर्धन पर्वत को गिरिराज महाराज के नाम से जाना जाता है और इन्हें साक्षात श्री कृष्ण का स्वरूप माना गया है। इसका कारण यह है कि भगवान श्री कष्ण ने कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा तिथि को गोर्वधन रूप में अपनी पूजा किए जाने की बात कही थी। यह घटना उस समय हुई थी जब इंद्र के कोप से गोकुल वासियों को बचाने के लिए श्री कृष्ण ने गोवर्धन को अपनी छोटी उंगली पर उठा लिया था।
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बहुत कम लोग यह जानते हैं कि इस घटना के पीछ हनुमान जी का भी हाथ था। दरअसल त्रेतायुग में जब भगवान राम ने अवतार लिया था उस समय लंका पार करने के लिए जब भगवान राम के नेतृत्व में वानर सेना समुद्र पर सेतु का निर्माण कर रही थी उस समय सेतु निर्माण के लिए बहुत से पत्थरों की जरूरत हुई।

हनुमान जी हिमलय पर गए और एक पर्वत वहां से उठाकर समुद्र की ओर चल पड़े। मार्ग में पता चला कि सेतु का निर्माण हो गया है तो हनुमान जी ने पर्वत को वहीं जमीन पर रख दिया। पर्वत ने कहा कि मैं न तो राम के काम आया और न अपने स्थान पर रह सका। पर्वत की मनोदशा समझकर हनुमान जी ने कहा कि द्वापर में जब भगवान राम श्री कृष्ण के रूप में अवतार लेंगे उस समय वह आपको अपनी उंगली पर उठाकर देवता के रूप में प्रतिष्ठित करेंगे। इस तरह हनुमान जी ने गोवर्धन को देवता बनाने की लीला रची।

English translation Wish4me

Govardhan mountain living and are known as Giriraj Maharaj Krishna’s form has been considered. This is because the Lord Shri Kartik Shukla Pratipada Kshn Gowrdhan date as its worship spoke to. The incident took place when the wrath of Indra, to save the people of Gokul Krishna lifted Govardhan on his little finger.

Very few people know that Hanuman had his hands behind the incident. In fact, when Lord Rama incarnation was Tretayaug Lanka to cross the monkey army led by Lord Rama built the bridge was at sea at the time of the stones needed to build the bridge.

Hanuman lifted from the sea Himly visited and walked toward the mountain. Construction of the bridge is shown in the way the Lord Hanuman placed the mountain on the ground. Mount said I did not work and his place of RAM could stay on. Mistaking the mood mountain Hanuman, Lord Rama Krishna in the Dwapara that he will incarnate as god as I will lift up my finger. Such a god Hanuman to Govardhan Leela hatched.

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