Friday , 23 February 2018
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Rama

जानिए ताड़का का वध क्यों किया था श्रीराम ने

tadka killed by rama

वाल्मीकि रामायण के ऐतिहासिक पात्रों में से एक हैं। उन्हीं में से एक थी ‘ताड़का’। ताड़का सुकेतु यक्ष की पुत्री थी, जो एक शाप के प्रभाव से राक्षसी बन गई थी। उसका विवाह सुंद नाम के दैत्य से हुआ था। ताड़का के दो पुत्र थे, उनके नाम थे सुबाहु और मारीच। ताड़का का परिवार अयोध्या के नजदीक एक जंगल में ... Read More »

ये हैं रावण के वो 7 सपने जो रह गए अधूरे

शहरा पर्व को अधर्म पर धर्म की जीत के रूप में मनाया जाता है. धर्म ग्रंथों के अनुसार इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया था. ये बात तो हम सभी जानते हैं लेकिन रावण से जुड़ी कुछ बातें ऐसी भी हैं जो बहुत ही कम लोग जानते हैं. आज हम आपको बताने जा रहे हैं महाज्ञानी रावण ... Read More »

भगवान विष्णु के दस अवतार

ten-incarnations-of-lord-vishnu

राम अवतार श्रीहरि के जय–विजय नाम के दो द्वारपाल थे। वे सनकादि ब्रह्मर्षियों के शाप से घोर निशाचर कुल में पैदा हुए। उनके नाम रावण और कुम्भकर्ण थे। उनके अत्याचारों से पृथ्वी कांप उठी। वह पाप के भार को सह न सकी। अन्त में वह ब्रह्मादि देवताओं के साथ भगवान की शरण में गयी। देवताओं की प्रार्थना से परब्रह्म परमात्मा ... Read More »

राम राम क्यों कहा जाता है

Have you ever wondered why many people meet each other

क्या कभी सोचा है कि बहुत से लोग जब एक दूसरे से मिलते हैं तो आपस में एक दूसरे को दो बार ही “राम राम” क्यों बोलते हैं ? एक बार या तीन बार क्यों नही बोलते ? दो बार “राम राम” बोलने के पीछे बड़ा गूढ़ रहस्य है क्योंकि यह आदि काल से ही चला आ रहा है… हिन्दी ... Read More »

सचमुच! भक्त भी भगवान को देते हैं सीख

This thing is in Tretayug at that time when the boat is washing the feet of Lord,

यह बात त्रेतायुग में उस समय की है जब केवट भगवान के चरण धो रहा हैं, वह भगवान राम का एक पैर धोते और उसे निकालकर कठौती से बाहर रख देते हैं। और जब दूसरा धोने लगता है तो पहला वाला पैर गीला होने से जमीन पर रखने से धूल भरा हो जाता है। केवट दूसरा पैर बाहर रखता है। ... Read More »

श्रीराम-राज्याभिषेक

shree raam-raajyaabhishek

रात्रि में विश्राम के बाद प्रात: काल विभीषण ने श्रीराम से हाथ जोड़कर कहा- प्रभो! अब आप स्नान करके दिव्य वस्त्र, मालांए तथा अंगराग का सदुपयोग करें। उसके बाद सुंदर व्यंजनों को स्वीकार कर मुझे कुछ दिन अपने आतिथ्य-सत्कार का सौभाग्य प्रदान करें। भगवान श्रीराम ने कहा –विभीषण! मेरे लिए इस समय सत्य का आश्रय लेने वाले महाबाहु भरत बहुत ... Read More »

श्री राम चालीसा (Shri Ram Chalisa)

jinake man mein base shree raam jee unakee raksha karen hanumaan jee

श्री राम चालीसा (Shri Ram Chalisa in Hindi) श्री रघुवीर भक्त हितकारी। सुन लीजै प्रभु अरज हमारी॥ निशिदिन ध्यान धरै जो कोई। ता सम भक्त और नहिं होई॥1॥ ध्यान धरे शिवजी मन माहीं। ब्रह्म इन्द्र पार नहिं पाहीं॥ दूत तुम्हार वीर हनुमाना। जासु प्रभाव तिहूं पुर जाना॥2॥ तब भुज दण्ड प्रचण्ड कृपाला। रावण मारि सुरन प्रतिपाला॥ तुम अनाथ के नाथ ... Read More »

मन की आखों से मै देखूँ रूप सदा सियाराम का

kaikeyee ka anutaap

दोहा : किस काम के यह हीरे मोती, जिस मे ना दिखे मेरे राम | राम नहीं तो मेरे लिए है व्यर्थ स्वर्ग का धाम || मन की आखों से मै देखूँ रूप सदा सियाराम का | कभी ना सूना ना रहता आसन मेरे मन के धाम का || राम चरण की धुल मिले तो तर जाये संसारी | दो ... Read More »

दुनिया चले ना श्री राम के बिना

saalaasar ke mandir mein hanumaan viraaje re

दुनिया चले ना श्री राम के बिना, राम जी चले ना हनुमान के बिना। जब से रामायण पढ़ ली है, एक बात मैंने समझ ली है, रावन मरे नी श्री राम के बिना, लंका जले ना हनुमान के बिना॥ लक्षण का बचना मुश्किल था, कौन बूटी लाने के काबिल था, लक्षण बचे ना श्री राम के बिना, बूटी मिले ना ... Read More »

संगती का असर (Effect of the company)

tod nahin paaya koee shyaam ka rikord

एक बार एक राजा शिकार के उद्देश्य से अपने काफिले के साथ किसी जंगल से गुजर रहा था | दूर दूर तक शिकार नजर नहीं आ रहा था, वे धीरे धीरे घनघोर जंगल में प्रवेश करते गए | अभी कुछ ही दूर गए थे की उन्हें कुछ डाकुओं के छिपने की जगह दिखाई दी | जैसे ही वे उसके पास ... Read More »