Friday , 8 September 2017
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चिंटू और चीनी

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Chintu and Chinese

चिंटू और चीनी भाईबहन थे। दोनों एक ही स्कूल में पढ़ते थे इसलिए एकसाथ आतेजाते थे।चिंटू और चीनी के स्वभाव बिलकुल भिन्न थे। चीनी सीधीसादी थी, जबकि चिंटू को घर में रखी चीजें खाने की बहुत बुरी आदत थी।

बिस्कुट हो या नमकीन, पेस्ट्री हो या चौकलेट वह कुछ नहीं छोड़ता था। अकसर माँ उसे इस बात के लिए डाँटती भी थीं। पर उसपर इन बातों का कोई असर नहीं होता था। एक दिन गुस्से में आकर माँ ने उस अलमारी को ही ताला लगा दिया जिसमें बिस्कुट आदि चीजें रखीं हुई थीं। उस अलमारी में बिस्कुट आदि के अलावा दवाइयाँ व कुछ अन्य सामान भी रखा हुआ था।

एक दिन चिंटू और चीनी स्कूल से लौटे। चीनी की तबीयत आते ही कुछ खराब हो गई। पहले तो चिंटू ने ध्यान नहीं दिया जब पर चीनी की तबीयत कुछ ज्यादा बिगड़ने लगी तो उसने माँ को आफिस फोन किया और उन्हें चीनी की बिगड़ती हुई तबीयत के बारे में बताया।

माँ बोलीं,“चिंटू लगता है चीनी को लू लग गई है। तुम अलमारी में रखे ग्लूकोस को घोलकर पिला दो, तब तक मैं डाक्टर को फोन करती हूँ। पर तुुम ग्लूकोस को घोल कर पिलाते रहना वरना मुश्किल हो जाएगी। ”

चिंटू जल्दी से रिसीवर रखकर अलमारी से ग्लूकोस निकालने के लिए ज्यों ही अलमारी के पास पहुँचा, देखा ताला लगा था। उसने इधर-उधर चाबी ढूँढी पर उसे कहीं न मिली। तब उसने फिर से माँ के ऑफिस फोन किया।
माँ बोलीं,“ओह बेटा, चाबी तो मेरे पास है।”
“अब क्या होगा मां,” चिंटू फोन पर ही रो पड़ा, “अब क्या करूँ?”
फिर रोते हुए मम्मीसे बोला,“आपने अलमारी को ताला क्यों लगाया। आपको पता था कि उसमें ग्लूकोस है फिर। ”
“पर चिंटू तुम्हें भी तो पता था कि उसमें बिस्कुट पड़े हैं जो तुम रोज चुपचुप खा जाते हो। न तुम बिस्कुट खाते न मैं ताला लगाती और न चीनी का इतना बुरा हाल होता। अच्छा, मैं डाक्टर को लेकर अभी आती हूँ।” कह कर माँ ने रिसीवर रख दिया।

चिंटू की हालत खराब! कभी वह चीनी को देखता तो कभी रोता।थोड़ी देर में माँ आ गई।
“आप अकेली आई हैं,” माँ के घर में घुसते ही चिंटू ने पूछा, “आपको पता है चीनी की तबीयत कितनी खराब है।”
तभी अंदर से आवाज आई,“ मैं तो ठीक-ठाक हूँ भइया।”
“अरे माँ के आते ही तू ठीक हो गई मेरी बहन,” कहकर चिंटू ने चीनी को गले से लगा लिया।
“अब मैं कभी चोरी नहीं करूँगा कभी नहीं ,” कहते हुए चिंटू रो पड़ा।
माँ ने चिंटू और चीनी को गले से लगा लिया।
असल में चीनी और माँ ने ही मिलकर चिंटू को सबक सिखाने की योजना बनाई थी।

Hindi to English

Chintu and Chinese were brother-in-law. Both used to study in the same school, hence they used to come together. The nature of Chintoo and Chinese were quite different. Sugar was a straightforward, while Chintu had a very bad habit of eating things kept in the house.

Biscuits or snacks, pastries or chocolate did not leave anything. Often the mother scolded her for this. But these things did not affect them. One day, after being angry, the mother locked the closet, which included things like biscuits etc. In that cupboard, besides medicines and some other things besides biscuits etc were also kept.

One day Chintoo and Chinese school returned. Something went wrong after the recovery of sugar. At first Chintu did not pay attention, but when the health of the sugar started getting worse, he called the mother to the office and told them about the worsening of sugar.

Mother said, “ The chicken seems to have lost sugar. After mixing glucose in the cupboard, give me a drink, till then I call the doctor. But it will be difficult to dissolve your glucose, otherwise it will be difficult. ”

Tintu quickly locked the receiver by removing the glucose from the closet as soon as he reached the closet. He searched the key here and there but could not find it anywhere. Then he called the mother’s office again.
Mother said, “Oh son, I have the key.”
“ What will be the mother now, ” Tintu cried on the phone, ” What should I do now? ”
Then he cried, “Why did you lock the closet?” You knew that there is glucose in it again. ”
“ But you also knew that you have biscuits in it, which you eat every day silently. Do not you biscuit accounts or I would not have locked or it would have been so bad. Well, I’ll come with the doctor right now. “The mother kept the receiver saying.

Titu worsened! Sometimes she would see sugar and she would cry again. Mother came in a short while.
“You have come alone,” As soon as the mother entered the house, Chintu asked, “You know how bad the health of sugar is.”
Then the voice came from inside, “I am fine, Bhaiya.”
“ When you came to my mother, you were healed, my sister, ” Tintu hugged the sugar.
“I will never steal anymore,” says Chintu, crying.
Mother embraced Chintu and sugar with her throat.
Actually Chinese and mother planned together to teach Chintu a lesson.

 

 

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