Saturday , 24 February 2018
Latest Happenings
Home » Gyan Ganga » Story Katha » मुफ्त में मिली वस्तु भी होती है कीमती

मुफ्त में मिली वस्तु भी होती है कीमती

free-items-are-also-precious

free-items-are-also-precious

 

एक शहर था, जहां एक बहुत धनी व्यक्ति रहता था। उसके कई व्यापार दूर देशों में भी चलते थे। उसके कई बगीचे भी थे, जहां हर तरह के फल लगते थे। जिसमें अनार के पेड़ बहुत ज्यादा थे। जिनको नियमित खाद-पानी उसके माली देते रहते थे।

इस तरह उसकी आय दिन दुगनी और रात चौगुनी होती गई। उस रईस व्यक्ति की एक खास बात यह थी कि शिशिर ऋतु आते ही वह अपने बगीचे के अनारों को चांदी के थाल में रख दिया करता था। और सामने एक तख्ती लगी होती थी। जिस पर लिखा होता था, ‘आप कम से कम एक अनार लेकर ही जाएं।’

लोग तख्ती पर लिखे वाक्यों को पढ़ते, इधर-उधर देखते और फिर चले जाते। कोई भी व्यक्ति उन चांदी के थाल में रखे अनारों को उठाने की हिम्मत नहीं करता। तब उस धनी व्यक्ति ने इस बात को गंभीरता से लेते हुए निषकर्ष निकाला और फिर अगली शिशिर ऋतु में उसने अपने घर के द्वार पर उन चांदी के थालों में एक भी अनार नहीं रखा।

बल्कि उन थालों पर उसने बड़े-बड़े अक्षरों में लिखवाया, ‘हमारे अलावा अन्य स्थानों पर अच्छे अनार मिलेंगे। लेकिन उनका मूल्य भी दूसरे अनारों की अधिक लगेगा।’ हुआ यूं कि उस धनी व्यक्ति के अनार लेने भीड़ वहां पहुंच गई। यहां तक की दूर-दूर से अनार लेने वहां पहुंचने लगे।

Hindi to English

There was a city, where a very wealthy person lived. Many of his businesses also traveled in distant countries. There were also many gardens, where every kind of fruit was used. In which pomegranate trees were very much. Those who kept regular fertilizers and gardener for them.

In this way his income was doubled and night quadrupled. One particular thing of that nobleman was that he used to keep the pomegranates of his garden in silver platter as he came in the winter season. And there was a plaque in front. On which was written, ‘You should take at least one pomegranate.’

People read the sentences written on the plaque, looked around and then went away. No one dares to lift the pomegranates that are stored in the silver plate. Then the rich man took this matter seriously and decidedly did not put any pomegranate in those silver plates at the door of his house in the next Sisir season.

Rather, he wrote in big letters on those plots, ‘There would be good pomegranates in other places besides us. But their value will also be higher than other pomegranates. ‘ It happened that the crowd gathered there to take the pomegranate of that rich person. Even far away there are pomegranates to get there.

Comments

comments