Monday , 11 September 2017
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यहां मौजूद है मन की हलचल को दूर करने का अचूक उपाय

here-is-the-perfect-remedy-to-remove-the-mood-of-the-mind

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honest is best policy

महात्मा बुद्ध अपने शिष्यों के संग जंगल से गुजर रहे थे। दोपहर को एक वृक्ष के नीचे विश्राम करने रुके। उन्होंने शिष्य से कहा, ‘प्यास लग रही है, कहीं पानी मिले, तो लेकर आओ।’

शिष्य एक पहाड़ी झरने से लगी झील से पानी लेने गया। झील से कुछ पशु दौड़कर निकले थे, जिससे उसका पानी गंदा हो गया था। उसमें कीचड़ ही कीचड़ और सड़े पत्ते बाहर उभरकर आ गए थे। शिष्य पानी लिए बिना ही लौट आया।उसने तथागत से कहा कि झील का पानी निर्मल नहीं है, मैं दूर वाली नदी से पानी ले आता हूं।

बुद्ध ने उसे उसी झील का पानी ही लाने को कहा। शिष्य फिर खाली हाथ लौट आया। पानी अब भी गंदा था, बुद्ध ने शिष्य को फिर वापस भेजा। तीसरी बार शिष्य पहुंचा, तो झील बिल्कुल निर्मल और शांत थी। कीचड़ बैठ गया था और जल स्वच्छ हो गया था। जब वह निर्मल जल लेकर वापस लौटा, तो महात्मा बुद्ध ने उसे समझाया कि यही स्थिति हमारे मन की भी है।

मन की झील को शांति की आवश्यकता

जीवन की दौड़-भाग मन को भी विक्षुब्ध कर देती है, मथ देती है। पर यदि कोई शांति और धीरज से उसे बैठा देखता रहे, तो सारी कीचड़ अपने आप नीचे बैठ जाती है और सहज निर्मलता का आगमन हो जाता है। इससे शिष्य को जीवन का महत्वपूर्ण सबक मिल गया।

Hindi to english

Mahatma Buddha was passing through the jungle with his disciples. Afternoon stopped to rest under a tree. He said to the disciple, ‘I am feeling thirsty, get some water, then bring it.’

The disciple went to take water from a lake with a mountainous spring. Some animals ran out of the lake, due to which its water became dirty. In it mud came out of the mud and rotten leaves emerged. The disciple returned without taking water. He told Tathagata that lake water is not clean, I bring water from a remote river.

Buddha asked him to bring the same lake water. The disciple then returned empty-handed. Water was still dirty, Buddha sent the disciple back again. The third time the pupil reached, and the lake was completely clean and calm. The mud was sitting and the water was clean. When he returned with a clean water, Mahatma Buddha explained to him that this situation is also of our mind.

Peace of mind

The race of life also disturbs the mind, gives a math. But if someone keeps looking at him with calmness and patience, then all the mud falls down on his own and the arrival of innocence is pure. This gave the disciple the important lesson of life.

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