Saturday , 24 February 2018
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ऐसा था आइंस्टाइन का निराला अंदाज

it-was-such-a-unique-idea-of-einstein

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अमूमन लोग अल्बर्ट आइंस्टाइन से उनके सापेक्षता सिद्धान्त को सरल शब्दों में समझाने के लिए निवेदन किया करते थे।

इसके उत्तर में आइंस्टाइन कहते थे, ‘आप अपने हाथ को जलती अंगीठी के ठीक ऊपर एक मिनट के लिए रखिए तो वह एक मिनट आपको एक घंटे के बराबर लगेगा और किसी सुंदर महिला के साथ एक घंटे तक बैठिए तो वह एक घंटा आपको एक मिनट के बराबर लगेगा। यही सापेक्षता है।’

यह उनकी जिंदगी का सबसे दिलचस्प प्रसंग माना जाता है। ठीक इसी तरह एक दिन अल्बर्ट आइंस्टाइन भाषण देने जा रहे थे। रास्ते में उनके ड्राइवर ने कहा, ‘मैं आपका भाषण इतनी बार सुन चुका हूं कि लोगों के सामने मैं ही आपका भाषण दे सकता हूं। यह कहकर कि, ‘ठीक है आज तुम्हीं भाषण देना’ आइंस्टाइन ने ड्राइवर की पोशाक पहन कर उसका स्थान ले लिया और अपना स्थान ड्राइवर को दे दिया।

भाषण हॉल में ड्राइवर ने सचमुच, आइंस्टाइन की तरह ही, भाषण दिया। भाषण देने के बाद जब लोगों ने प्रश्न पूछने शूरू किए और ड्राइवर पूरे आत्मविश्वास के साथ जवाब भी सही दिए। लेकिन एक व्यक्ति ने कठिन प्रश्न पूछ लिया, जिसका उत्तर ड्राइवर के पास नहीं था।

इस पर ड्राइवर ने कहा, ‘अरे भाई इस प्रश्न का जवाब तो इतना सरल है कि मेरा ड्राइवर ही बता देगा।’ ऐसा कहकर उसने ड्राइवर की पोशाक पहने आइंस्टाइन को जवाब देने के लिए खड़ा कर दिया। और आइंस्टाइन ने उस प्रश्न का सही उत्तर दिया।

संक्षेप में

कभी-कभी जिंदगी में ऐसे पल भी आते हैं जिन्हें खुलकर जीना चाहिए। आइंस्टाइन ऐसा ही करते थे। वह अपनी बात को कभी रोचक तरीके से पेश करते तो कभी अपने से छोटे लोगों को अवसर देकर उनका प्रोत्साहन करते थे।

Hindi to English

Generally, people used to request Albert Einstein to explain his relativity theory in simple words.

In answer to this, Einstein said, ‘If you keep your hand on the right side of the burning fireplace for a minute, then it will take you one hour to one minute and sit with one lovely woman for an hour, then one hour Will look equal. This is the relativity. ‘

This is considered the most interesting event of their life. Just like that one day Albert Einstein was going to deliver the speech. On the way, his driver said, ‘I have heard your speech so many times that I can give your speech to the people only. By saying that, ‘OK, you have to give a speech today’ Einstein dressed the driver’s dress and took his place and gave his place to the driver.

In the speech hall, the driver literally gave the speech, just like Einstein. After giving a speech, people started asking questions and the drivers gave the answer with the same confidence as the correct answer. But a person asked a difficult question, which was not answered by the driver.

The driver said, ‘Hey brother, the answer to this question is so simple that my driver will tell.’ By saying this, she stood up to answer Einstein, dressed in driver’s dress. And Einstein gave the correct answer to that question.

in short

Sometimes there are moments in life that should be freely spared. Einstein used to do the same. He used to present his point in an interesting way, sometimes giving opportunities to small people to him and encouraging them.

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