Wednesday , 20 September 2017
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हंसी की फुहार में भीगने वाले, कभी नहीं होते निराश

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भीनी मुस्कान से भरा चेहरा, हर व्यक्ति को अपनी ओर आकर्षित करने की क्षमता रखता है। और यदि यह भीनी हंसी के ठहाकों में तब्दील हो जाए तो आपके पाचन तंत्र में घट रही प्रक्रियाओं को तेज कर ही देती है।

 हास्य रस की चाशनी में डूबे व्यक्ति कभी भी तनाव और और मानसिक बीमारियों के शिकार नहीं होते हैं। हंसी के बारे में डॉक्टर मार्टिन गेमर्ट ने अपनी पुस्तक ‘द एनोटॉमी ऑफ द मिनेस’ में लिखा है, ‘प्रसन्नता आसमान से नहीं टपकती, वह भले इंसान के अंदर उगती है।’
अरस्तु कहते हैं, ‘खुशी और कुछ नहीं, जीवन का ही दूसरा नाम है। जो व्यक्ति अपने को व्यवस्थित करता है। और दूसरों के साथ अच्छा व्यवहार करता है। वह सदा खुश रहता है।’
हंसी के बारे में दुनिया के लगभग हर विद्वान ने कुछ न कुछ जरूर लिखा है। कहते हैं सज्जन व्यक्ति के व्यक्तित्व की चार विशेषताएं होती हैं। मुस्कुराता चेहरा, उदार हाथ (दान), नम्र स्वभाव और उज्‍ज्‍वल चरित्र। यह तभी आती हैं जब व्यक्ति खुश हो, और खुशी तभी आएगी जब व्यक्ति हंसमुख हो। हंसी तनाव को छूमंतर कर जीने की कला सिखाती है।
किसी शायर ने क्या खूब लिखा था, ‘जिंदगी के बोझ को हंसकर उठाना चाहिए। राह दुश्वारियों पर हमेशा मुस्कुराना चाहिए।’ हंसी के बारे में दार्शनिक बायरन लिखते हैं, जब भी हंसना संभव हो तो हंसो।
 यह सबसे सस्ती दवा है। हंसना जीवन का उज्जवल पहलू है। एक चिकित्सक ने अपने प्रयोगों के आधार पर यह सिद्ध किया कि ठहाका मारकर हंसने से पाचन तंत्र हमेशा दुरुस्त रहता है।
 जॉर्ज बर्नार्ड शॉ लिखा है सदा जीवंत और ताजा बने रहने के लिए खूब हंसिए ठहाके लगाकर हंसिए और तनाव से दूर हो जाइए। राल्फ वाल्डो इमर्सन प्रसिद्ध कवि थे वह लिखते हैं कि हंसमुख और बुद्धिमत्तापूर्ण चेहरा सभ्यता, श्रेष्ठता और संस्कृति का शिखर है।
 और भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी हंसी के बारे में कहते थे कि, ‘हंसी मन की गांठें बड़ी ही सरलता से खोल देती है और मेरे मन की ही नहीं, अपितु तुम्हारे मन की भी।’
 इसलिए हंसिए हंसना बेहद जरूरी है। क्योंकि, ‘मुस्कुराकर गम का जहर जिनको पीना आ गया, यह हकीकत है कि जहां में उनको जीना आ गया।’

Hindi to English

A face filled with a smile, has the ability to attract every person to himself. And if it turns into a laughing heart, then it accelerates the process of decreasing your digestive system.

Humans who are immersed in the syrup of humor juice are never subjected to tension and mental disorders. Regarding laughter, Dr. Martin Girt wrote in his book ‘The Anomomy of the Minnes’: “Pleasure does not spill from the sky, it does grow well inside the human being.”

Aristi says, “happiness and nothing else, is the second name of life. The person who organizes himself. And behaves well with others. He is always happy. ‘

Almost every scholar of the world has written something or something about laughter. It is said that the gentleman has four characteristics of a person’s personality. Smiling face, generous hands (charity), humble temperament and bright character. It comes only when a person is happy, and happiness will come only when the person is cheerful. Laughter teaches the art of living a tone of tension.

What a shayar had written, ‘should take up the burden of life by laughing.’ Laughs should always smile on the evils. ‘ About laughter, philosopher Byron writes, whenever laughing is possible, laugh.
This is the cheapest medicine. Laugh is the bright aspect of life. On the basis of their experiments, a therapist proved that digestive system is always correct due to laughing and laughing.
George Bernard Shaw has written a lot of suspicion to remain lively and fresh and get rid of the stress and stress. Ralph Waldo Emerson was a famous poet, he writes that cheerful and intelligent face is the peak of civilization, superiority and culture.
And the Father of India, Mahatma Gandhi used to say about laughter, that ‘laughter opens the knots of mind with great ease and not only my mind, but also your mind’.
So laughing laughs is very important. Because, smiling, the poison of gum, which has come to drink, is the reality that in which they have come to live.

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