Monday , 10 July 2017
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आत्मा और परमात्मा का दुर्लभ मिलन

rare-meeting-of-soul-and-divine

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मिथिला के राजा निमि के बीमार हो गए। उनका पूरा शरीर गर्म होने लगा। राज वैद्यों ने सोच-समझकर कहा कि, महराज के शरीर पर चंदन का लेप किया जाए। तब रानियां अपने हाथों से चंदन घिसने लगीं।

चंदन घिसते समय हाथों में पहनी हुई चुड़ियों के टकराने से खन-खन की आवाज होने लगी। वह खन-खनखनाहट की आवाज राजा निमि को अत्यंत परेशानी खड़ी कर रही थी। तब राजा ने कहा

यह आवाज मुझे अच्छी नहीं लगती इसे बंद करो।राजा की व्यथा सुनकर रानियों ने एक-एक चूड़ी ही कलायियों में रहने दी और चंदन घिसती रहीं।

राजा को रानियों के बारे में पता चल गया कि वो किस तरह से चंदन घिस रहीं हैं। तब राजा ने सोचा कि जब चूड़ियां अनेक थीं और उनका संयोग था कि वो आपस में टकरा जातीं थीं और अशांति महसूस होने लगी। जब एक चूड़ी बची तो शोरगुल बंद हो गया। सचमुच संसार में समस्त अशांति का मूल संयोग ही है।

In English

Mithila’s King became sick of Nimi. Their whole body started getting hot. Raj Vaidya thoughtfully said that, sandalwood should be coated on the body of Maharaj. Then the ransoms started to rub the sandalwood with their hands.

At the time of climbing the sandalwood, the clutches of the wounds worn in the hands started to sound. The sound of the mining was raising the problem of King Nimi. Then the king said

This voice does not look good to me, stop it. By listening to the sadness of the king, the queens have allowed each and every bangle to be kept in the art and the sandalwood gets worn.

The king came to know about the queens, how the sandalwood trees were falling apart. Then the king thought that when the bangles were many and their coincidence was that they used to collide with each other and felt unrest. When a bangle left, the noisy was closed. Indeed, the real coincidence of all disturbances in the world is only a coincidence.

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