Monday , 19 February 2018
Latest Happenings
Home » Gyan Ganga » Story Katha » तो एक पतले धागे जितनी है जिंदगी की सच्‍चाई

तो एक पतले धागे जितनी है जिंदगी की सच्‍चाई

so-much-as-a-thin-thread-is-the-truth-of-life

so-much-as-a-thin-thread-is-the-truth-of-life

 

एक सम्राट अपने वजीर पर नाराज हो गया। और उसने वजीर को आकाश-छूती एक मीनार में कैद कर दिया। वहां से कूद कर भागने का कोई उपाय न था। कूद कर भागता तो प्राण ही खो जाते। लेकिन वजीर जब कैद किया जा रहा था, तब उसने अपनी पत्नी के कानों में कुछ कहा। पहली ही रात पत्नी मीनार के करीब गयी। उसने एक साधारण-सा कीड़ा दीवार पर छोड़ा। और उस कीड़े की मूंछों पर थोड़ा-सा मधु लगा दिया। कीड़े को मधु की गंध आयी। मधु को पाने के लिए कीड़ा मीनार की तरफ, ऊपर की तरफ सरकने लगा।

मूंछ पर लगा था मधु, तो गंध तो आती ही रही। और कीड़ा मधु की तलाश में सरकता गया। उस कीड़े की पूंछ से एक पतला से पतला रेशम का धागा पत्नी ने बांधा हुआ था। सरकता-सरकता कीड़ा उस तीन सौ फीट ऊंची मीनार के आखिरी हिस्से पर पहुंच गया। वजीर वहां प्रतीक्षा कर रहा था। कीड़े को उठा लिया, पीछे बंधा हुआ रेशम का धागा पहुंच गया। रेशम के धागे में एक पतली-सी सुतली बांधी। सुतली में एक मोटा रस्सा बांधा था। और वजीर रस्से के सहारे उतर कर कैद से मुक्त हो गया।

कहानी कहती है कि वजीर न केवल इस कैद से मुक्त हुआ, बल्कि उसे उस मुक्त होने के ढंग में जीवन की आखिरी कैद से भी मुक्त होने का सूत्र मिल गया। पतला-सा धागा भी पकड़ में आ जाए तो छुटकारे में कोई बाधा नहीं है। पतले से पतला धागा भी मुक्ति का मार्ग बन सकता है। लेकिन धागा पकड़ में आ जाए! एक छोटी-सी किरण पहचान में आ जाए, तो उसी किरण के सहारे हम सूरज तक पहुंच सकते हैं। सभी धर्म, सभी गुरु किसी पतले से धागे को पकड़ कर परमात्मा तक पहुंचे हैं। वे धागे अनेक हो सकते हैं।

Hindi to English

An emperor became angry at his wizard. And he imprisoned the Wizard in a tower. There was no way to jumping from there. If you run away by jumping, then your life will be lost. But when Wazir was being imprisoned, he said something in his wife’s ears. The first night the wife was close to the tower. He left a simple worm on the wall. And put a little honey on the mustache of the insects. Bugs smell of honey To get honey, the worm moved towards the tower, moving towards the top.

Had a mustache on the mustache, then the smell came. And the worm slipped in search of honey The thread of that worm was tied to a thin-thin silk thread by the wife. The sliding-ripening worm reached the last part of the tower three hundred feet high. Wazir was waiting there Taken the insects, the thread tied back to the silk reached. Make a thin-made twine in silk thread. A thick rope was tied in the twine. And the Wazir was freed from imprisonment by descending with a rope.

The story says that the Wazer was not only liberated from this captivity but also found the form of getting rid of the final imprisonment of life in the way of that freedom. There is no obstacle in redemption if there is a thin thread even in the catch. Thin-thin thread can also become the path of liberation. But come in the thread! If a small ray comes into recognition, then with the help of that ray we can reach the sun. All the religions, all the Guru have caught the thread from some thin and reached the divine. Those threads can be many.

Comments

comments