Tuesday , 4 July 2017
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Tag Archives: bhagavaan

जहां धर्म वहां विजय

आपके पास है ऐसा बल जो बना सकता है आपको महान

रूप नगर में एक दानी और धर्मात्मा राजा राज्य करता था। एक दिन उसके पास एक साधु आया और बोला, ‘आप बारह साल के लिए मुझे अपना राज्य दे दीजिए या अपना धर्म दे दीजिए।’ राजा बोला, ‘धर्म तो नहीं दे पाऊंगा। आप मेरा राज्य ले सकते हैं।’ साधु राजगद्दी पर बैठा और राजा जंगल की ओर चल पड़ा। जंगल ... Read More »

Janaki Mandir

Janakimandir

At the heart of Janakpur lies the marble Janaki Mandir, one of the finest pieces of architecture in Nepal. Built in extravagant baroque Mughal style that leaves it looking like a palace made of sweets, the Janaki Mandir is Janakpur’s most important temple and is dedicated to Sita, the wife of Rama and heroine of the Ramayana. It’s believed to ... Read More »

स्वार्थरहित होकर किया गया दान ही श्रेष्ठ

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महाभारत में एक कथा है, जो सच्ची दानवीरता की मिसाल है। एक बार की बात है कुरु युवराज दुर्योधन के महल के द्वार पर एक भिक्षुक आया और दुर्योधन से बोला- राजन, मैं अपनी वृद्धावस्था से बहुत परेशान हूं। चारों धाम की यात्रा करने का प्रबल इच्छुक हुं, जो युवावस्था के ऊर्जावान शरीर के बिना संभव नहीं है। इसलिए आप ... Read More »

मंगलवार व्रत की कथा

hanumaan jee

भगवान शिव के एकादश रुद्रावतारों में से एक हैं हनुमानजी। कलयुग में हनुमान जी उपासना से शीघ्र प्रसन्न होने वाले देव हैं। यदि सच्चे मन से महाबली पवन पुत्र की आराधना की जाए तो वह अपने भक्त का हर मनोरथ पूर्ण कर देते हैं। प्राचीन समय की बात है किसी नगर में एक ब्राह्मण दंपत्ति रहते थे उनके कोई संतान ... Read More »

अंतिम झांकी

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जब भगवान श्रीकृष्ण जी ने देखा कि समस्त यदुवंशियों का संहार हो चुका है,तब उन्होंने संतोष की सांस ली कि पृथ्वी का बचा-खुचा भार भी उतर गया।अब मेरे अवतार का कार्य पूर्ण हो चुका है। बलराम जी ने भी समुद्रतट पर बैठकर एकाग्र चित्त से परमात्मा का चिंतन करते हुए अपनी आत्मा को आत्मस्वरूप में स्थिर कर लिया और मनुष्य ... Read More »

स्वधर्म पर दृढ़ रहने से प्राप्त होते हैं सुपरिणाम

svadharm par drdh rahane se praapt hote hain suparinaam

एक दिन वन में प्यास से व्याकुल हो भीम, अर्जुन, नकुल, और सहदेव पानी की तलाश में एक सरोवर पर पहुंचे, किंतु जैसे ही उन्होंने पानी पिया, तत्क्षण चारों की मृत्यु हो गयी। इधर युधिष्ठिर उन्हें खोजने के लिए निकले, तो चारों को सरोवर के किनारे मृत अवस्था में देखकर अत्यधिक दु:खी हुए। हताश युधिष्ठिर काफी देर तक शोकमग्न अवस्था ... Read More »

काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग

KasheeVishvanath

श्री काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग वाराणसी (Kashi Vishwanath Temple, Varanasi) जनपद के काशी नगर में अवस्थित है। कहते है, काशी तीनों लोकों में न्यारी नगरी है, जो भोले बाबा के त्रिशूल पर विराजती है। इस मंदिर को कई बार बनाया गया। नवीनतम संरचना जो आज यहां दिखाई देती है वह 18वीं शताब्दी में बनी थी। कहा जाता है कि एक बार ... Read More »

तिरुपति बालाजी

Tirupatibalajee

तिरुपति बालाजी मंदिर विश्वभर के हिंदुओं का प्रमुख वैष्णव तीर्थ है। यह दक्षिण भारत में आंध्रप्रदेश के चित्तूर जिले में है। सात पहाड़ों का समूह शेषाचलम या वेंकटाचलम पर्वत श्रेणी की चोटी तिरुमाला पहाड़ पर तिरुपति मंदिर स्थित है। भगवान वेंकटेश को विष्णु का अवतार माना जाता है। भगवान विष्णु यहां वेंकटेश्वर, श्रीनिवास और बालाजी नाम से प्रसिद्ध हैं। तिरुपति ... Read More »

श्री शैलम ज्योतिर्लिंग

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श्रीशैलम (श्री सैलम नाम से भी जाना जाता है) नामक ज्योतिर्लिंग आंध्रप्रदेश के पश्चिमी भाग में कुर्नूल जिले के नल्लामल्ला जंगलों के मध्य श्री सैलम पहाड़ी पर स्थित है। यहां शिव की आराधना मल्लिकार्जुन नाम से की जाती है। मंदिर का गर्भगृह बहुत छोटा है और एक समय में अधिक लोग नहीं जा सकते। शिवपुराण के अनुसार भगवान कार्तिकेय को ... Read More »

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग

Dvadash Jyotirling

उज्जैन में शिप्रा नदी के निकट स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग (Mahakaleshwar Jyotirling, Ujjain) देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में सबसे प्रसिद्ध है। पौराणिक मान्यता के अनुसार सच्चे मन से स्वयंभू भगवान महाकालेश्वर की पूजा-अर्चना करने वाले मनुष्य का काल भी कुछ नहीं बिगाड़ पाते। महाकालेश्वर मंदिर की आरती (Mahakaleshwar Temple Bhasma Aarti) महाकालेश्वर में प्रतिदिन सुबह होने वाली भस्म आरती के बारे ... Read More »