Thursday , 14 September 2017
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Tag Archives: Dharm

रामायण मे एक घास के तिनके का भी रहस्य है

Hay un secreto de una hierba de paja en Ramayana

रामायण मे एक घास के तिनके का भी रहस्य है, और रामायण के अंदर इस टाइप के बहुत से रहस्य छिपे हैं जो हर किसी को नहीं मालूम क्योंकि आज तक किसी ने हमारे ग्रंथो को समझने की कोशिश नहीं की,सिर्फ हमने पढ़ा है देखा है और सुना है,आज मैं आप के समक्ष ऐसा ही एक रहस्य बताने जा रहा ... Read More »

कुव्वत-उल-इस्लाम-मस्जिद

Khirki Masjid Story

कुव्वत-उल-इस्लाम-मस्जिद का निर्माण कुतुबुद्दीन ऐबक ने करवाया था। मस्जिद दिल्ली में कुतुबमीनार के नजदीक स्थित है। पृथ्वीराज चौहान की पराजय के बाद ऐबक ने इस मस्जिद का निर्माण करवाया था। यह भारत में निर्मित पहली तुर्क मस्जिद है। इस मस्जिद की सर्वोत्कृष्ट विशेषता उसका ‘मकसूरा’ एवं इसके साथ जुड़ा ‘किबला लिवान’ है। स्थापत्य कला की दृष्टि से यह पहला ऐसा ... Read More »

सेंट मेरी चर्च

sent meree charch

सेंट मैरी चर्च चर्च (Saint Mary Church) को चिरथल्ला मुट्टम सेंट मैरी फैरोना चर्च के नाम से भी जाना जाता है। चिरथल्ला एक छोटा शहर है जो केरल के एलापुजा नामक जिले में आता है। प्राचीन समय में यह शहर केरल के मुख्य व्यापारिक केंद्रों में से एक था। माना जाता है कि इस शहर को ज्यूस लोगों ने बसाया ... Read More »

पुनर्जन्म (Reincarnation)

ReIncarnation

पिछले जन्म में आप क्या थे? क्या वाकई आप जानना चाहते हैं? क्या आप पुनर्जन्म के सिद्धांत को मानते हैं? पिछला या पुनर्जन्म होता है या नहीं? यह सवाल प्रत्येक व्यक्ति के मन में होगा। हो सकता है कि कुछ लोग मानकर ही बैठ गए हैं कि हां होता है और कुछ लोग यह मानते हैं कि नहीं होता है। ... Read More »

जप साधना

jap saadhana

मनोमय कोश स्थिति एवं एकाग्रता के लिए जप  का साधन बड़ा ही उपयोगी है। इसकी उपयोगिता  इससे निर्विवाद है कि सभी धर्म, मजहब, सम्प्रदाय  इसकी आवश्यकता को स्वीकार करते हैं। जप करने से  मन की प्रवृत्तियों को एक ही दिशा में लगा देना सरल हो  जाता है। कहते हैं कि एक बार एक मनुष्य ने किसी भूत को सिद्ध कर ... Read More »

राजा और महात्मा

Raajaa aur mahaatmaa

चंदनपुर का राजा बड़ा दानी और प्रतापी था , उसके राज्य में सब खुशहाल थे पर राजा एक बात को लेकर बहुत चिंतित रहा करता था कि धर्म व दर्शन पर लोगोँ के विचारोँ मेँ सहमति क्योँ नहीँ बनती।एक बार राजा ने विभिन्न धर्मोँ के उपदेशकोँ को आमंत्रित किया और एक विशाल कक्ष में सभी का एक साथ रहने का ... Read More »

मरम्मत करो !

Shree raamakriṣṇaadev

एक साधक ने श्री रामकृष्णदेव से पूछा कि : “महाशय, मै इतना प्रभुनाम लेता हूँ, धर्म चर्चा करता हूँ, चिंतन-मनन करता हूँ, फिर भी समय-समय पर मेरे मन में कुभाव क्यों उठते है?” श्री रामकृष्णदेव साधक को समझाते हुए बोले : “एक आदमी ने एक कुत्ता पाला था। वह रात-दिन उसी को लेकर मग्न रहता, कभी उसे गोद में लेता तो कभी ... Read More »

राजा और महात्मा

Raajaa aur mahaatmaa

चंदनपुर का राजा बड़ा दानी और प्रतापी था , उसके राज्य में सब खुशहाल थे पर राजा एक बात को लेकर बहुत चिंतित रहा करता था कि धर्म व दर्शन पर लोगोँ के विचारोँ मेँ सहमति क्योँ नहीँ बनती। एक बार राजा ने विभिन्न धर्मोँ के उपदेशकोँ को आमंत्रित किया और एक विशाल कक्ष में सभी का एक साथ रहने ... Read More »

स्वामी विवेकानंद जयंती

Shikshapard Khaniya

स्वामी विवेकानंद आधुनिक युग के प्रथम पंक्ति के विश्व प्रसिद्ध महापुरुष थे । वे भारतीयता के आदर्श प्रतिनिधि होने के अतिरिक्त, वैदिक धर्म तथा संस्कृति के ओजस्वी वक्ता भी थे । वेदांत को आज के विज्ञान के सम्मुख जिस हृदयगंम रूप में उन्होंने प्रतिपादित किया यह उन की ओजस्वी प्रतिभा का प्रतिबिंब है । उनके स्फूर्तिदायी विचारों से केवल भारत ... Read More »

पर्वों और त्यौहारों का महत्त्व क्यों ?

chalo man shri vrindavan dham bhajan

पर्व और त्यौहारों में मनुष्य के बीच, मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य को सर्वाधिक महत्त्व प्रदान किया गया है । यहां तक कि उसे पूरे ब्रह्मांड के कल्याण से जोड़ दिया है । इनमें लौकिक कार्यों के साथ ही धार्मिक तत्वों का ऐसा समावेश किया गया है, जिससे हमें न केवल अपने जीवन निर्माण में सहायता मिले, बल्कि समाज ... Read More »