Friday , 14 July 2017
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1 रुपया देकर उन्होंने भिखारी को बना दिया था बड़ा व्यापारी

1 रुपया देकर उन्होंने भिखारी को बना दिया था बड़ा व्यापारी

भारतीय समाजसुधारक, शिक्षाविद् और स्वतंत्रता सेनानी ईश्वर चंद्र विद्यासागर का 1820 में जन्म हुआ था। विद्यासागर के जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंग आज भी प्रासंगिक है और बेहतर समाज की नींव रखने में सहायक हो सकते हैं। पेश है इस महापुरुष के जीवन से जुड़ी दो सच्ची घटनाएें – एक रुपया देकर उसे बना दिया बड़ा व्यापारी यह तब की ... Read More »

ऐसा क्या हुआ कि सिकंदर महान बन गया केवल सिकंदर

ऐसा क्या हुआ कि सिकंदर महान बन गया केवल सिकंदर

जब सिकंदर भारत आया तब उसकी मुलाकात एक फकीर से हुई। सिकंदर को देख फकीर हंसने लगा। इस पर सिकंदर ने सोचा, ‘ये तो मेरा अपमान है’ और फकीर से कहा, ‘या तो तुम मुझे जानते नहीं हो या फिर तुम्हारी मौत आई है’ जानते नहीं में सिकंदर महान हूं। इस पर फकीर और भी जोर जोर से हंसने लगा। ... Read More »

Mahatama Budh

Madhuban Ke Mandiro Main Bhagwan

Visit the Various Guru Profile through follwoing links: Abhinavagupta Adi Shankara Akhandanand Anandamayi Ma (female) Anandmurti Gurumaa (female) Asaram Bap Baba Ramdev Bamakhepa, or Bamakhyapa/ Bamdev Bhairav Bhagawan Nityananda Bhakti Charu Swami Bhakti Tirtha Swami Bhisham Sahani Bihari Bijoy Krishna Goswami Brahmanand Swami Brahmananda Saraswati Brahmarshi Prem Nirmal Chaitanya Mahaprabhu Chandrashekarendra Saraswati चाणक्य Chinmayananda Saraswati Dayananda Saraswati  Dayananda Saraswati (Founder of ... Read More »

गुरु का महत्त्व क्यों ?

Guru Purnima oshad main story

भारतीय संस्कृति में ‘आचार्य देवो भव’ कहकर गुरु को असीम श्रद्धा का पात्र माना गया है । गुरु शब्द में ‘गु’ का अर्थ अंधकार तथा ‘रु’ का दूर करने से लगाया जाता है । अर्थात जो अंधकार को दूर कर सके, वहीं गुरु है । वैसे, हमारे शास्त्रों में गुरु के अनेक अर्थ बताएं गए हैं । गुरु का महत्त्व ... Read More »

संस्कार क्या हैं ?

vyarth hai moh ka bandhan

भारतीय संस्कृति में संस्कार का साधारण अर्थ किसी दोषयुक्त वस्तु को दोषरहित करना है । अर्थात् जिस प्रक्रिया से वस्तु को दोषरहित किया जाएं उसमें अतिशय का आदान कर देना ही ‘संस्कार’ है । संस्कार मन:शोधन की प्रक्रिया हैं । गौतम धर्मसूत्र के अनुसार संस्कार उसे कहते हैं, जिससे दोष हटते हैं और गुणों की वृद्धि होती है । हमारे ... Read More »

Ayurveda

ayurveda

Ayurveda or Ayurveda medicine, is a system of medicine with historical roots in the Indian subcontinent.[2] Globalized and modernized practices derived from Ayurveda traditions are a type of complementary or alternative medicine. In the Western world, Ayurveda therapies and practices (which are manifold) have been integrated in general wellness applications and as well in some cases in medical use. The ... Read More »

Yantra

SriChakram1

Yantra  is the Sanskrit word for a mystical diagram, especially diagrams from the Tantric traditions of the Indian religions. They are used for worship of deities in temples or at home; as an aid in meditation; used for the benefits given by their supposed occult powers based on Hindu astrology and tantric texts. In Classical Sanskrit, the generic meaning of ... Read More »

भारतीय संस्कृति की आत्मा – हमारे त्योहार

  प्राचीन काल से माना जाता है कि भारत त्योहारों का देश है, जहाँ विभिन्न समाज और संस्कृति के लोग रहते हैं, यहाँ विभिन्न प्रकार के त्योहार मनाए जाते हैं, कुछ त्योहार राष्ट्रीय, धार्मिक, होते हैं, तो कुछ प्रांतीय, जो बड़े ही हर्ष उल्लास के साथ मनाए जाते हैं समय दर समय बीतने  के पश्यात आज भारत के सभी समुदाय ... Read More »