Sunday , 24 September 2017
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Tag Archives: religion

क्यों कहलाते हैं पांचरुपी हनुमान

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जब राम और रावण की सेना के मध्य भयंकर युद्ध चल रहा था और रावण अपने पराजय के समीप था तब इस समस्या से उबरने के लिए उसने अपने मायावी भाई अहिरावण को याद किया जो मां भवानी का परम भक्त होने के साथ- साथ तंत्र – मंत्र का बड़ा ज्ञाता था। उसने अपने माया के दम पर भगवान राम ... Read More »

चाहे दुःख हो या सुख हिसाब तो सबको देने ही होते हैं

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एक सेठ जी बहुत ही दयालु थे । धर्म-कर्म में यकीन करते थे । उनके पास जो भी व्यक्ति उधार मांगने आता, वे उसे मना नहीं करते थे । सेठ जी मुनीम को बुलाते और जो उधार मांगने वाला व्यक्ति होता उससे पूछते कि भाई ! तुम उधार कब लौटाओगे ? इस जन्म में या फिर अगले जन्म में  जो ... Read More »

जानिए महात्मा गांधी की नजर में धर्म का अर्थ

जानिए महात्मा गांधी की नजर में धर्म का अर्थ

एक बार महामना मदनमोहन मालवीय, महात्मा गांधी व कुछ अन्य लोग धर्म पर चर्चा कर रहे थे। चर्चा के दौरान मालवीय जी ने गांधीजी से पूछा, ‘बापू आपकी दृष्टि में धर्म क्या है?’ तब गांधीजी बोले, मेरी दृष्टि से धर्म का अर्थ कर्तव्य है। समाज के हर व्यक्ति का अलग धर्म है। सैनिक का धर्म अपने राष्ट्र व समाज की ... Read More »

जब एक परोपकारी संत सेरोपियो ने दी धर्म की सीख

जब एक परोपकारी संत सेरोपियो ने दी धर्म की सीख

संत सेरोपियो मिस्र देश के निवासी थे। वह बड़े ही परोपकारी थे। दूसरों की सेवा करना, उन्हें सुकून देता था। संत हमेशा ही मोटे कपड़े का चोंगा पहनते थे। एक दिन उनके चोगे को फटा देखकर एक व्यक्ति ने उनसे कहा, ‘आपका चोगा तो फट गया है। उसके बदले नया चोगा क्यों नहीं पहनते।’ तब संत ने कहा, ‘भाई बात ... Read More »

नेक बनना है तो जानें अब्राहम लिंकन के ये विचार

नेक बनना है तो जानें अब्राहम लिंकन के ये विचार

अब्राहम लिंकन अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति थे। इनका कार्यकाल 1861 से 1865 तक था। ये रिपब्लिकन पार्टी से थे। अमेरिका में दास प्रथा के अंत का श्रेय लिंकन को ही जाता है। अब्राहम लिंकन का जन्म एक गरीब अश्वेत परिवार में हुआ था। वे प्रथम रिपब्लिकन थे जो अमेरिका के राष्ट्रपति बने। लिंकन का जीवन काफी संघर्षों और चुनौतियों से ... Read More »

दूध में चमेली के फूल की तरह रहे गुरु नानक

दूध में चमेली के फूल की तरह रहे गुरु नानक

एक बार गुरु नानक देव मुल्तान पहुंचे। वहां पहले ही अनेक संत धर्म प्रचार में लगे हुए थे। एक संत ने अपने शिष्य के हाथ में दूध से भरा हुआ एक कटोरा गुरु नानक देव को भेजा। गुरु नानक देव उठे, बाग से चमेली का एक फूल तोड़ा और दूध पर धीरे से टिका दिया। फिर शिष्य को कहा, जाओ ... Read More »

जब नारद जी ने पूछा, और श्रीहरि ने बताया, ‘कर्म बड़ा या भाग्य!’

जब नारद जी ने पूछा, और श्रीहरि ने बताया, 'कर्म बड़ा या भाग्य!'

इस दुनिया में कर्म को मानने वाले लोग कहते हैं भाग्य कुछ नहीं होता। और भाग्यवादी लोग कहते हैं किस्मत में जो कुछ लिखा होगा वही होके रहेगा। यानी इंसान कर्म और भाग्य इन दो बिंदुओं की धूरी पर घूमता रहता है। और एक दिन इस जग को अलविदा कहकर चला जाता है। भाग्य और कर्म को बेहतर से समझने ... Read More »

जानिए चीनी दार्शनिक ताओ बू की नजर में क्या है धर्म

ताओ बू चीन के एक महान दार्शनिक हुए हैं। एक बार चुंगसिन नाम के व्यक्ति उनसे धर्म का रहस्य समझने के लिए आया और उनका शिष्य बन गया। लेकिन कई साल बीत गए। उन्होंने उसे कोई शिक्षा नहीं दी। तब एक दिन निराशा के भाव लेकर उसने कहा, ‘गुरुवर आपने किस कारण से अब तक कोई शिक्षा नहीं दी।’ तब ... Read More »

Reiki Healing

Reiki is a Japanese technique for stress reduction and relaxation that also promotes healing. It is administered by “laying on hands” and is based on the idea that an unseen “life force energy” flows through us and is what causes us to be alive. If one’s “life force energy” is low, then we are more likely to get sick or ... Read More »

Baby Name

A given name  is a part of a person’s full nomenclature. It identifies a specific person, and differentiates that person from other members of a group, such as a family or clan, with whom that person shares a common surname. The term given name refers to the fact that the name usually is bestowed upon a person, normally given to ... Read More »