Saturday , 15 July 2017
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Tag Archives: shraddha

अहोई अष्टमी व्रत पूजन की विधि

lakshme

यह व्रत कार्तिक लगते ही अष्टमी को किया जाता है। जिस वार को दीपावली होती है, अहोई अष्टमी उससे ठीक सात दिन पूर्व उसी वार को पड़ती है। इस व्रत को वह स्त्रियां ही करती हैं जिनकी संतान होती है। बच्चों की मां दिनभर व्रत रखें। सांयकाल दीवार पर अष्ट कोष्ठक की अहोई की पुतली रंग भरकर बनाएं। उस पुतली ... Read More »

अद्भुत है अमरनाथ शिवलिंग (Amazing is the Amarnath Lingam)

Amarnath Yatra Ka Mahtav

अमरनाथ शिवलिंग हिम से निर्मित होता. यह शिवलिंग अन्य शिवलिंगों की भांति सालों भर नहीं रहता है. वर्ष के कुछ महीनों में यहां हिम से स्वयं शिवलिंग का निर्माण होता है. स्वयं हिम से निर्मित शिवलिंग होने के कारण इसे स्वयंभू हिमानी शिवलिंग भी कहा जाता है. आषाढ़ पूर्णिमा से शिवलिंग का निर्माण होने लगता है जो श्रावण पूर्णिमा के ... Read More »

बोलो जी सारे मिल के जयकारे शेरा वाली के

sheraavaalee

बोलो बोलो जी सारे मिल के जयकारे शेरा वाली के बोलो बोलो जी सारे मिल के जयकारे झंडेवाली के बोलो बोलो जी सारे मिल के जयकारे मेहरावाली के बोलो बोलो जी सारे मिल के जयकारे ज्योतां वाली के मैया का जैकारी ही ध्यानु में लगाया था कटा हुआ सीस माँ ने पल में मिलाया था बोलो बोलो जी सारे मिल ... Read More »

साईं तेरे भरोसे ही परिवार हमारा है

ab kar do naam deevaana

साईं तेरे भरोसे ही परिवार हमारा है, पतवार तू माझी तू और तू ही किनारा है। साईं हमें तेरा सहारा है, बस तेरा सहारा है॥ श्रद्धा के सबुरी के तुमने हैं दिए मोती, मध्यम ना कभी होगी विशवास की यह ज्योति। संतान हैं हम तेरी, तू पालनहार है, पतवार तू माझी तू और तू ही किनारा है॥ तेरी दया से ... Read More »

मातृ- पितृ भक्त श्रवणकुमार

sharvan

श्रवणकुमार जाति से वैश्य थे। इनके माता-पिता दोनों अन्धे हो गये थे। बड़ी सावधानी और श्रद्धा से ये उनकीसेवा करते थे और उनकी प्रत्येक इच्छा पूरी करने का प्रयत्न करते थे। इनके माता-पिता की इच्छा तीर्थयात्रा करने की हुई। उन्होंने एक कांवर बनायी और उसमें दोनों को बैठाकर कंधे पर उठाये हुए ये यात्रा करने लगे। ब्रह्माण के लिये तो ... Read More »

तुलसीदल का महात्म्य

Learn about Tulsidas

भगवान शिव ने स्वयं कहा है – ‘‘सब प्रकार के पत्तों और पुष्पों की अपेक्षा तुलसी ही श्रेष्ठ मानी गई है। वह परम मंगलमयी, समस्त कामनाओं को पूर्ण करनेवाली, शुद्ध, श्रीविष्णु को अत्यंत प्रिय तथा ‘वैष्णवी’ नाम धारण करनेवाली है। वह संपूर्ण लोक में श्रेष्ठ, शुभ तथा भोग और मोक्ष प्रदान करनेवाली है। भगवान श्रीविष्णु ने पूर्वकाल में संपूर्ण लोकों ... Read More »

गुरु का महत्त्व क्यों ?

Gurudev

भारतीय संस्कृति में ‘आचार्य देवो भव’ कहकर गुरु को असीम श्रद्धा का पात्र माना गया है । गुरु शब्द में ‘गु’ का अर्थ अंधकार तथा ‘रु’ का दूर करने से लगाया जाता है । अर्थात जो अंधकार को दूर कर सके, वहीं गुरु है । वैसे, हमारे शास्त्रों में गुरु के अनेक अर्थ बताएं गए हैं । गुरु का महत्त्व ... Read More »

गुरुदेव बोलो गुरुदेव बोलो

saeen baaba pukaara karenge

गुरुनाम गाओ गुरुनाम गाओ गुरुदेव मलिक ईश्वर प्रपक आनंदायक दानध निवारक गुरुसंगत ही जीवन सावनरे परमानंद के खोलते हैं द्वारे गुरुदेव बोलो गुरुदेव बोलो प्रेम से बोलो भाव से बोलो श्रद्धा से बोलो भक्ति से बोलो [To English wish4me] Gurunaam gao gurunaam gao Gurudev malik ishwar prapak Anandayak dandh nivarak Gurusangath hi jeevan savanre Paramanand ke kholte hain dware Gurudev ... Read More »

आप के कदमो में मेरी ज़िंदगी

krshnadarshan - bhagavaan shiv ke avataar

फूल श्रद्धा के चड्ड़ने आगाय आप के कदमो में मेरी ज़िंदगी आप की लीला सुनने आगाय फूल श्रद्धा के चड्ड़ने आगाय [To English wish4me] Phool shraddha ke chaddane aagaye Aap ke kadmo mein meri zindagi Aap ki leela sunane aagaye Phool shraddha ke chaddane aagaye Read More »

नमामि अम्बे दीन वत्सले

Navmi ambe deen vatsalye

नमामि अम्बे दीन वत्सले, तुम्हे बिठाऊँ हृदय सिंहासन . तुम्हे पिन्हाऊँ भक्ति पादुका, नमामि अम्बे भवानि अम्बे .. श्रद्धा के तुम्हे फूल चढ़ाऊँ, श्वासों की जयमाल पहनाऊँ . दया करो अम्बिके भवानी, नमामि अम्बे भवानि अम्बे .. बसो हृदय में हे कल्याणी, सर्व मंगल मांगल्य भवानी . दया करो अम्बिके भवानी, नमामि अम्बे भवानि अम्बे ..     namaami ambe ... Read More »