Friday , 19 January 2018
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Tag Archives: understand

ईमानदारी पर कहानी

रामू काका अपनी ईमानदारी और नेक स्वाभाव के लिए पूरे गाँव में प्रसिद्द थे। एक बार उन्होंने अपने कुछ मित्रों को खाने पर आमंत्रित किया। वे अक्सर इस तरह इकठ्ठा हुआ करते और साथ मिलकर अपनी पसंद का भोजन बनाते। आज भी सभी मित्र बड़े उत्साह से एक दुसरे से मिले और बातों का दौर चलने लगा। जब बात खाने ... Read More »

यकीन कीजिए! एक चाकू से भी ले सकते हैं सीख

यकीन कीजिए! एक चाकू से भी ले सकते हैं सीख

जब स्वामी विवेकानंद शिकागो की धर्मसभा में बोलने के लिए आमंत्रित किया गया था। तब वह यात्रा पर जाने से पूर्व वह स्वामी रामकृष्ण परमहंस की धर्मपत्नी गुरु मां शारदा से आशीर्वाद लेने गए। चरण स्पर्श के पश्चात गुरु मां से वह बोले, ‘मुझे भारतीय संस्कृति पर बोलने के लिए अमेरिका से आमंत्रण मिला है। मुझे आपका आशीर्वाद चाहिए।’ मां ... Read More »

कहीं भटकने की जरूरत नहीं क्योंकि यह है सफलता का मंत्र

प्राचीन काल में उत्तरी चीन में एक बुजुर्ग रहता था। जो उत्तरी पहाड़ी का महामूर्ख कहलाता था। क्योंकि उसके घर के सामने दो बड़े पहाड़ थे। आने-जाने में बड़ी ही परेशानी होती थी। तो उस वृद्ध व्यक्ति ने अपने दोनों बेटों के साथ पहाड़ को काटना आरंभ कर दिया। उनके इस काम को देखकर वहां रहने वाले सभी लोगों ने ... Read More »

दिल को दुनिया से न लगाएं

do-not-touch-the-heart-with-the-world

जैसे जैसे मेरी उम्र में वृद्धि होती गई, मुझे समझ आती गई कि अगर मैं Rs.300 की घड़ी पहनू या Rs.30000 की दोनों समय एक जैसा ही बताएंगी.. मेरे पास  Rs.300 का बैग हो या Rs.3000 का  इसके अंदर के सामान  मे कोई परिवर्तन नहीं होंगा। मैं 100 गज के मकान में रहूं या 3000 गज के मकान में तन्हाई का ... Read More »

एक और कहानी

My grandmother was less surprised at this and my friend more

लस्सी का ऑर्डर देकर हम सब आराम से बैठकर एक दूसरे की खिंचाई मे लगे ही थे कि एक लगभग 70-75 साल की माताजी कुछ पैसे मांगते हुए मेरे सामने हाथ फैलाकर खड़ी हो गईं उनकी कमर झुकी हुई थी चेहरे की झुर्रियों मे भूख तैर रही थी आंखें भीतर को धंसी हुई किन्तु सजल थीं उनको देखकर मन मे ... Read More »

लोहा खा गया घुन!

एक बार की बात है दो व्यक्ति थे, जिनका नाम था मामा और फूफा। मामा और फूफा दोनों व्यापार करते थे और दोनों व्यापार में सहभागी थे। मामा ने फूफा से कहा,” फूफा क्यों ना हम कोई ऐसी वस्तु खरीद लें जो जल्दी खराब ना हो और उसकी कीमत भी बढती रहे; फिर हम उसे कुछ वर्षो बाद बेचें जिससे ... Read More »

रामायण मे एक घास के तिनके का भी रहस्य है

Hay un secreto de una hierba de paja en Ramayana

रामायण मे एक घास के तिनके का भी रहस्य है, और रामायण के अंदर इस टाइप के बहुत से रहस्य छिपे हैं जो हर किसी को नहीं मालूम क्योंकि आज तक किसी ने हमारे ग्रंथो को समझने की कोशिश नहीं की,सिर्फ हमने पढ़ा है देखा है और सुना है,आज मैं आप के समक्ष ऐसा ही एक रहस्य बताने जा रहा ... Read More »

गुस्से को काबू करने का अचूक उपाय

गुस्से को काबू करने का अचूक उपाय

बहुत पुरानी बात है। एक गांव में 12 वर्ष का लड़का अपने परिजनों के साथ रहता था। लड़का दिल का साफ था, लेकिन उसे गुस्सा बहुत आता था। उसके परिजन काफी परेशान थे। तब एक दिन उसके पिता ने उसे ढेर सारी कीलें दीं और कहा, ‘जब भी क्रोध आए वो घर के सामने लगे पेड़ में वह कीलें ठोंक ... Read More »

शर्म नहीं आए तब तक सीखते रहिए

शर्म नहीं आए तब तक सीखते रहिए

यूनानी दार्शनिक अफलातून के पास हर दिन कई विद्वानों का जमावड़ा लगा रहता था। सभी उनसे कुछ न कुछ ज्ञान प्राप्त करके जाया करते थे। लेकिन स्वयं अफलातून खुद को कभी भी ज्ञानी नहीं मानते थे। एक दिन उनके एक मित्र ने कहा, आपके पास दुनिया के बड़े-बड़े विद्वान कुछ न कुछ सीखने और जानने आते हैं और आपसे बातें ... Read More »

बापू ने बताया दान और व्यापार का महत्व

Mahatma Gandhi's

एक दिन एक व्यक्ति महात्मा गांधी के पास आकर अपना दुःख सुनाने लगा। उसने गांधी जी से कहा कि बापू, यह दुनिया बड़ी बेईमान है। आप तो यह अच्छी तरह से जानते हैं कि मैनें पचास हजार रुपए दान देकर धर्मशाला बनवाई थी। पर अब उन लोगों ने मुझे ही उसकी प्रबंध समिति से हटा दिया है। धर्मशाला नहीं थी ... Read More »