Tuesday , 28 February 2017
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चाणक्य नीति: आठवां अध्याय (Chanakya Niti eighth chapter)

Chanakya

नीच वर्ग के लोग दौलत चाहते है, मध्यम वर्ग के दौलत और इज्जत, लेकिन उच्च वर्ग के लोग सम्मान चाहते है क्यों की सम्मान ही उच्च लोगो की असली दौलत है. दीपक अँधेरे का भक्षण करता है इसीलिए काला धुआ बनाता है. इसी प्रकार हम जिस प्रकार का अन्न खाते है. माने सात्विक, राजसिक, तामसिक उसी प्रकार के विचार उत्पन्न ... Read More »

मंदिर का पुजारी

mandir ka pujaaree

एक बार की बात है कि एक समृद्ध व्यापारी , जो सदैव अपने गुरू से परामर्श करके कुछ न कुछ सुकर्म किया करता था, गुरु से बोला-“गुरुदेव, धनार्जन हेतु मैं अपना गाँव पीछे ज़रूर छोड़ आया हूँ, पर हर समय मुझे लगता रहता है कि वहाँ पर एक ऐसा देवालय बनाया जाये जिसमें देवपूजन के साथ-साथ भोजन की भी व्यवस्था हो,अच्छे संस्कारों से ... Read More »

एक बाल्टी दूध

A bucket of milk

एक बार एक राजा के राज्य में महामारी फैल गयी। चारो ओर लोग मरने लगे। राजा ने इसे रोकने के लिये बहुत सारे उपाय करवाये मगर कुछ असर न हुआ और लोग मरते रहे। दुखी राजा ईश्वर से प्रार्थना करने लगा। तभी अचानक आकाशवाणी हुई। आसमान से आवाज़ आयी कि हे राजा तुम्हारी राजधानी के बीचो बीच जो पुराना सूखा ... Read More »

प्रेम शक्ति

prem shakti

प्रेम ब्रह्मांड की सबसे बड़ी शक्ति है । प्रेम का भाव सर्वोच्च है जिसे आप प्रेषित कर सकते हैं । अगर आप अपने हर विचार को प्रेम में सराबोर कर सकें, अगर आप हर वस्तु और व्यक्ति से प्रेम कर सकें, तो आपके जीवन का कायाकल्प हो जाएगा । आप अपने बुरे विचारों से किसी दूसरें का नहीं, सिर्फ अपना ... Read More »

श्रीकृष्णोपदिष्ट कर्मयोग का स्वरूप

chit chor meromakhan khay gayo re bhajan

वेद आदि सतशास्त्रों में मनुष्यों के नि:श्रेयस के लिये उनके अंत:करण की योग्यता का विचार करके प्रवृत्तिधर्म और निवृत्तिधर्म का उपदेश किया गया है । कर्मयोग को निष्काम – कर्मयोग भी कहते हैं । कर्तापन के अभिमान को और कर्मफल की इच्छा को त्यागकर कर्तव्यबुद्धि से अपने वर्णाश्रम के धर्मों का श्रद्धा और प्रीतिसहित सावधानी के साथ पालन करना निष्काम ... Read More »

रामकृष्ण परमहंस चरित्र

Ram Krishan PermHans Chariter

रामकृष्ण अपने को अपने युवा शिष्यों के बराबर मानते थे । वह उनके बंधु सखा थे, उनके साथ सहज आत्मीयता से बात करते थे, किसी गुरुता के साथ नहीं । मानो इन बढ़ते हुए मानव पौधों के और सूर्य के प्रकाश के बीच में आकर वह इनके विकास में बाधक होना नहीं चाहते थे । दूसरों के व्यक्तित्व के प्रति ... Read More »

ईश्वर पर विश्वास

hiran

किसी जंगल मे एक गर्भवती हिरणी थी, जिसका प्रसव होने को ही था | उसने एक तेज धार वाली नदी के किनारे घनी झाड़ियों और घास के पास एक जगह देखी जो उसे प्रसव हेतु सुरक्षित स्थान लगा| अचानक उसे प्रसव पीड़ा शुरू होने लगी, लगभग उसी समय आसमान मे काले काले बादल छा गए और घनघोर बिजली कड़कने लगी ... Read More »

बुरे समय में खुद को रखे शांत

Bure Samye Main Khud Ko Shant Rakhe

शाम का समय था। महात्मा बुद्ध एक शिला पर बैठे हुए थे। वह डूबते सूर्य को एकटक देख रहे थे। तभी उनका शिष्य आया और गुस्से में बोला, “गुरुजी” “रामजी” नाम के जमींदार ने मेरा अपमान किया है। आप तुरंत चलें, उसे उसकी मूर्खता का सबक सिखाना होगा। महात्मा बुद्ध मुस्कुराकर बोले, प्रिय तुम बौद्ध हो, सच्चे बौद्ध का अपमान ... Read More »

Numerology

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अपने जीवन पथ संख्या शायद विचार किया जाना है सबसे प्रभावशाली Numerological पहलू है। यह संख्या अपने जन्म की तारीख के द्वारा निर्धारित किया जाता है और आप इस समय कर रहे हैं जो का प्रतिनिधित्व करता है। यह मौजूद हैं और संभावना है कि अपनी जीवन भर सक्रिय और प्रभावशाली हो जाएगा कि विशिष्ट लक्षण इंगित करता है। संख्या ... Read More »