Monday , 11 September 2017
Latest Happenings
Home » Do you Know? » इस प्रेरक कहानी में छुपा है हैप्पी लाइफ का फंडा

इस प्रेरक कहानी में छुपा है हैप्पी लाइफ का फंडा

the-happy-life-fund-is-hidden-in-this-inspiring-story

the-happy-life-fund-is-hidden-in-this-inspiring-story

Happy Life

                                                                                    Happy Life

जंगल में एक कौआ रहता था जो अपने जीवन से पूरी तरह संतुष्ट था। एक दिन उसने बत्तख देखी और सोचा, “यह बत्तख कितनी सफेद है और मैं कितना काला। यह बत्तख तो संसार की सबसे ज्यादा खुश पक्षी होगी।

उसने अपने विचार बत्तख से बतलाए। बत्तख ने उत्तर दिया, दरअसल मुझे भी ऐसा ही लगता था कि मैं सबसे अधिक खुश पक्षी हूं जब तक मैंने दो रंगों वाले तोते को नहीं देखा था। अब मेरा ऐसा मानना है कि तोता सृष्टि का सबसे अधिक खुश पक्षी है।

फिर कौआ तोते के पास गया। तोते ने उसे समझाया, मोर को मिलने से पहले तक मैं भी एक अत्यधिक खुशहाल जिंदगी जीता था, लेकिन मोर को देखने के बाद मैंने जाना कि मुझमें तो केवल दो रंग हैं जबकि मोर में विविध रंग हैं।

तोते को मिलने के बाद वह कौआ चिड़ियाघर में मोर से मिलने गया। वहां उसने देखा कि उस मोर को देखने के लिए हजारों लोग जुटे थे।

सब लोगों के चले जाने के बाद कौआ मोर के पास गया और बोला, प्रिय मोर, तुम तो बहुत ही खूबसूरत हो। तुम्हें देखने रोज हजारों लोग आते हैं। मेरे अनुमान से तुम धरती के सबसे अधिक खुश पक्षी हो।

मोर ने जवाब दिया, मैं हमेशा सोचता था कि मैं सबसे खूबसूरत और खुश हूं, लेकिन मेरी इस सुंदरता के कारण ही मैं इस चिड़ियाघर में फंसा हुआ हूं। मैंने चिड़ियाघर का बहुत ध्यान से परीक्षण किया है और तब मुझे यह अहसास हुआ कि इस पिंजरे में केवल कौए को ही नहीं रखा गया है। इसलिए पिछले कुछ दिनों से मैं इस सोच में हूं कि अगर मैं कौआ होता तो मैं भी खुशी से हर जगह घूम सकता था।

यह कहानी इस संसार में हमारी परेशानियों का सार प्रस्तुत करती है। कौआ सोचता है कि बत्तख खुश है, बत्तख को लगता है कि तोता खुश है, तोता सोचता है कि मोर खुश है जबकि मोर को लगता है कि कौआ सबसे खुश है।

इस कहानी से हमें यही शिक्षा मिलती है कि दूसरों से तुलना हमें सदा दुखी करती है। हमें दूसरों के लिए खुश होना चाहिए, तभी हमें भी खुशी मिलेगी। हमारे पास जो है उसके लिए हमें सदा आभारी रहना चाहिए।

Hindi to English

There was a crow in the forest who was completely satisfied with his life. One day she looked after the duck and thought, “How duck this is white and how much black I am. This duck will be the happiest bird in the world.

He told his thoughts from Duck. Duck answered, Actually I felt like I was the happiest bird until I had not seen a two-color parrot. Now I believe that the parrot is the happiest bird of creation.

Then the crow went to the tote. The parrot explained to him, till even before meeting Peacock, I also had a very happy life, but after seeing the peacock I went to know that there are only two colors in me but peacocks have different colors.

After meeting the Parrot, he went to meet Peacock in the pigeon’s Zoo. There he saw that thousands of people gathered to see that peacock.

After all the people went away, the crow went to peacock and said, dear peacock, you are very beautiful. Everyday thousands of people come to see you. By my estimate you are the happiest bird in the earth.

More responded, I always thought that I am the most beautiful and happy, but because of this beauty I am trapped in this zoo. I have examined the zoo very carefully and then I realized that the cage is not only kept in the cage. So, for the past few days, I am thinking that if I had a crow, then I could roam freely everywhere.

This story presents the essence of our problems in this world. The crow thinks the duck is happy, the duck feels that the parrot is happy, the parrot thinks that the peacock is happy that peacock is happy while peacock feels that the crow is the happiest.

We get this education from this story that comparison with others always makes us sad. We should be happy for others, and we will be happy too. We must always be grateful for what we have.

 

Comments

comments