Monday , 18 December 2017
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कहीं भटकने की जरूरत नहीं क्योंकि यह है सफलता का मंत्र

there-is-no-need-to-wander-somewhere-because-it-is-the-mantra-of-success

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प्राचीन काल में उत्तरी चीन में एक बुजुर्ग रहता था। जो उत्तरी पहाड़ी का महामूर्ख कहलाता था। क्योंकि उसके घर के सामने दो बड़े पहाड़ थे। आने-जाने में बड़ी ही परेशानी होती थी। तो उस वृद्ध व्यक्ति ने अपने दोनों बेटों के साथ पहाड़ को काटना आरंभ कर दिया।

उनके इस काम को देखकर वहां रहने वाले सभी लोगों ने उनका मजाक उड़ाया। बजुर्गु कहता, ‘मेरे मरने के बाद मेरे बेटे पहाड़ा काटने का सिलसिला जारी रखेंगे। हालांकि ये पहाड़ बहुत ऊंचे हैं लेकिन हमारे इरादों और हौसलों से अधिक ऊंचे नहीं हो सकते। हम जितना इन्हें खोदते जाएंगे। ये उतने ही छोटे होते जाएंगे।’

वहां मौजूद सभी लोग यह सुनकर हैरान हो गए। जिस वृद्ध को वो लोग महामूर्ख समझ रहे थे। वो उन्हें सफलता का मंत्र बता रहा था।

Hindi to English

In ancient times, an elderly lived in northern China. Which was called the great idol of the northern mountain. Because there were two big mountains in front of his house. There was a lot of trouble coming and going. So the old man started cutting the mountain with his two sons.

Seeing his work, all the people living there mocked him. Bajurgu says, ‘After my death, my son will continue to break the hill. Although these mountains are very high but can not be higher than our intentions and fads. We will dig these as much as we can. They will be just as small. ‘

All the people present there were shocked to hear it. The elderly they used to understand as a great man. He was telling them the mantra of success.

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