Thursday , 13 July 2017
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ऐसा क्या हुआ कि सिकंदर महान बन गया केवल सिकंदर

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ऐसा क्या हुआ कि सिकंदर महान बन गया केवल सिकंदर

                                                    ऐसा क्या हुआ कि सिकंदर महान बन गया केवल सिकंदर

जब सिकंदर भारत आया तब उसकी मुलाकात एक फकीर से हुई। सिकंदर को देख फकीर हंसने लगा। इस पर सिकंदर ने सोचा, ‘ये तो मेरा अपमान है’ और फकीर से कहा, ‘या तो तुम मुझे जानते नहीं हो या फिर तुम्हारी मौत आई है’ जानते नहीं में सिकंदर महान हूं।

इस पर फकीर और भी जोर जोर से हंसने लगा। उसने सिकंदर से कहा, ‘मुझे तो तुम में कोई महानता नजर नहीं आती। मैं तो तुम्हें बड़ा दीन और दरिद्र देखता हूं।’ सिकंदर बोला, ‘तुम पागल हो गए हो। मैंने पूरी दुनिया को जीत लिया है।’

तब उस उस फकीर ने कहा, ‘ऐसा कुछ नहीं है तुम अभी भी साधारण ही हो फिर भी तुम कहते तो मैं तुमसे एक बात पूछता हूं। मान लो तुम किसी रेगिस्तान मे फंस गये और दूर दूर तक तुम्हारे आस पास कोई पानी का स्त्रोत नहीं है और कोई भी हरियाली नहीं है जहां तुम पानी खोज सको तो तुम एक गिलास पानी के बदले क्या दोगे।

सिकंदर ने कुछ देर सोच विचार किया और उसके बाद बोला कि, मैं अपना आधा राज्य दे दूंगा तो इस पर फ़कीर ने कहा अगर मैं आधे राज्य के लिए न मानूं तो सिकंदर ने कहा इतनी बुरी हालत में तो मैं अपना पूरा राज्य दे दूंगा।

फकीर फिर हंसने लगा और बोला कि तेरे राज्य का कुल मूल्य है, ‘बस एक गिलास पानी’ और तुम ऐसे ही घमंड से चूर हुए जा रहे हो। इस तरह सिकंदर का गर्व मिट्टी में मिल गया और वह उस फकीर से आशीर्वाद लेकर आगे की ओर बड़ चला।

Hindi to English

When Alexander came to India, he met a fakir. Seeing Alexander, the mystic laugh started. On this, Alexander thought, ‘This is my insult,’ and said to the fakir, ‘either you do not know me or your death has come’ In not knowing Sikandar is great.

Fakir started to laugh even more loudly. He said to Alexander, ‘I do not see any greatness in you. I see you poor and poor. ‘ Sikander said, ‘You have gone mad. I have won the whole world. ‘

Then that fakir said, ‘There is nothing like that. You are still ordinary, but even if you say so I ask you one thing. Suppose you are trapped in a desert and far away there is no source of water around you and there is no greenery where you can find water, what will you give me instead of a glass of water.

Alexander thought for some time and after that he said, I will give half of my state, but Faqir said that if I do not accept half of the state then Sikandar said, in such a bad condition, I will give my whole state.

My aunt again started to laugh and said that the total value of your state is, ‘Just a glass of water’ and you are being shattered with such pride. In this way Sikandar got pride in the soil and he got blessings from that fakir and went ahead.

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