एक पेड़ की ऊँची शाखा पर एक बाज घोंसला बनाकर रहता था। उसी पेड़ के नीचे एक सियार का घर था। एक दिन जब सियार शिकार के लिए गया हुआ था,
तभी बाज पेड़ से उतरकर नीचे आया और सियार के छोटे से बच्चे को उठाकर ले गया। जब सियार लौटकर आया तो उसको अपना बच्चा दिखाई नहीं दिया।
उसने पेड़ पर बैठे हुए बाज से पूछा, “क्या तुमने मेरा बच्चा उठाकर कहीं छिपाया है। कृपा करके मेरा बच्चा मुझे लौटा दो।” सियार काफी देर तक गिड़गिड़ाता रहा,
पर जब बाज ने कोई उत्तर नहीं दिया तो सियार कहीं से जलती हुई लकड़ी ले आया। उसने चेतावनी दी, “मेरा बच्चा लौटा दो, वरना इस सूखे पेड़ को आग लगा दूंगा।
तुम्हारे बच्चे भी इसी आग में जलकर मर जाएंगे।” बाज ने डरकर उसका बच्चा लौटा दिया।
शिक्षा : दूसरों से वैसा ही व्यवहार करो, जैसा कि अपने लिए चाहते हो।
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