एक दिन एक किसान ने देखा कि उसके नए हंस ने एक सुनहरे रंग का अंडा दिया है।
वह अंडा बहुत चमक रहा था। किसान ने अंडा उठा लिया। वह बहुत भारी भी था।
उसे लगा कि किसी ने उसके साथ भद्दा मजाक किया है। फिर वह अंडे को लेकर अपनी पत्नी के पास गया।
पत्नी अंडे को देखकर आश्चर्यचकित होती हुई बोली, “अरे, यह तो सोने का अंडा है, तुम्हें कहाँ से मिला?”
प्रतिदिन सुबह अब किसान को एक सुनहरा अंडा मिलने लगा। अंडे बेचकर शीघ्र ही किसान दम्पत्ति धनवान हो गए।
धन के साथ-साथ लालच ने भी आ घेरा।
एक दिन उसकी पत्नी ने कहा, “क्यों न हम हंस को मार दें हमें सारे अण्डे एक दिन में मिल जाएंगे।
हम बहुत अमीर हो जाएंगे” किसान को पत्नी की बात सही लगी। उन्होंने हंस को मार डाला पर उन्हे अण्डे मिले ही नहीं।
बेचारे हंस को भी मार डाला और कुछ हाथ भी न लगा। अब उनके पास पछताने के अलावा कोई चारा न था।
Moral of Story
शिक्षा : लालच बुरी बला है।
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