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आज करता हु वाधा मैं ये साईं जी


आज करता हु वाधा मैं ये साईं जी
दिल किसी का कभी न दुखाउगा मैं
याद हर पल रखुगा वचन आप के
राह बुले हुयो को दिखाऊगा मैं
आज करता हु वाधा मैं ये साईं जी……

मैं जलाऊगा दिल से दया के दीये,
रौशनी जिनकी होगी सभी के लिए
जिनकी पलको में रेहते है आंसू सदा
उनको भी मुस्कुराना सिखाउगा मैं
आज करता हु वाधा मैं ये साईं जी…..

माफ़ दुशमन की भी मैं करुगा खता,
नफरतो से न होगा मेरा वास्ता
कल तलक जिसने मुझको शिकवे गिले
अब उन्हें भी गले से लगाऊगा मैं
आज करता हु वाधा मैं ये साईं जी……

आज मोहित ने मन से ले ली है शपत,
साईं जब तक चलेगा ये सांसो का रत
रोज प्यासों को पानी पिलाउगा मैं
रोज चिडियों को दाना खिलाऊगा मैं
आज करता हु वाधा मैं ये साईं जी……

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