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आजा आजा रे सांवरिया थारा टाबर बोले


आजा आजा रे सांवरिया थारा टाबर बोले
थारे से मिलन खातिर मन डोले…..

खाटू से लीले पे चढ़ के आजा रे सांवरिया
देख देख के राह तुम्हारी थक गई ये नजरिया
अब और ना तरसावे मेरा दिल बोले
थारे से मिलन खातिर मन डोले…..

मोर मुकुट कानो में कुण्डल गल वैजन्ती माला
खाटू धाम से लीले चढ़ आया है खाटू वाला
आजा बैठ जा निहारु तन्ने हौले हौले
थारे से मिलन खातिर मन डोले………

सब देवो में देव निराला इसकी महिमा भारी
मोंटू की किस्मत तो बाबा तुमने ही सँवारी
जीतू की भी सुन तुझसे बाबा यही बोले
थारे से मिलन खातिर मन डोले………..

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