एक लकड़हारा रोज जंगल लकड़ी काटने जाता था। वहां उसे रोज एक अपाहिज लंगड़ी लोमड़ी दिखाई पड़ती थी। वह सोचता जंगल में इसे भोजन कैसे प्राप्त होता होगा? जबकि यह शिकार भी नहीं कर सकती। एक दिन उसने सोचा कि आज मैं पता लगाऊंगा की यह जीवित कैसे है? लकड़हारा उसी के पास के एक वृक्ष पर चढ़कर बैठ गया। …
Read More »Suman Wish
अनपढ़ मल्लाह!!
एक गणित के अध्यापक को अपने ज्ञान का बहुत घमंड था। एक बार उनको नदी पार कहीं जाना था। वे एक नाव में बैठ गए। नाविक एक बूढ़ा मल्लाह था। नाव चल पड़ी। थोड़ी दूर जाने के बाद उन्होंने मल्लाह से पूछा, “क्या तुमको गणित आती है?” नाविक ने जवाब दिया, “नहीं।” इस पर शिक्षक बोले, “तब तो तुम्हारी चार …
Read More »संकट का साथी!!
एक शिकारी था। आज पूरा दिन घूमने के बाद भी उसे कोई शिकार नहीं मिला। क्रोधित होकर वह घने जंगल में घुस गया। उसके पास एक घातक विषबुझा तीर था। क्रोधवश आज उसने उस तीर का प्रयोग करने का निर्णय लिया। थोड़ी देर बाद उसे हिरनों का एक झुंड दिखाई पड़ा। उसने निशाना साध कर तीर चला दिया। लेकिन निशाना …
Read More »लक्ष्मी और भाग्य !!
एक नगर में एक सेठ रहता था। उसके पास अपार धन संपदा थी। उसका एक ही पुत्र था। कालांतर में सेठ के परलोकगमन के उपरांत उसके पुत्र ने कुसंगति के प्रभाव में सारा धन नष्ट कर दिया। अब उसे खाने के लाले पड़ गए। तब उसकी पत्नी ने कहा, “स्वामी ! अगर हम दोनों काम करें तो तो हमारी समस्याएं …
Read More »जैसा राजा वैसी प्रजा!!
महिलारोप्य राज्य का राजा महेंद्र वर्मन एक योग्य शासक था। वह अपनी प्रजा को पुत्रवत मानता था। उसी प्रकार वह प्रजा के सुख दुख का ध्यान रखता था। कोई भी व्यक्ति कभी भी उससे मिलकर अपनी समस्या बता सकता था। उसके राज्य में सभी सुखी थे। किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं थी। लेकिन राजा महेंद्र वर्मन हमेशा सोचता कि …
Read More »कुसंग का फल!!
गंगा तट पर एक विशाल पाकड़ का वृक्ष था। उस पर सैंकड़ों पक्षी मिलजुलकर रहते थे। उसी वृक्ष पर एक वृद्ध गीद्ध भी रहता था। उम्र की अधिकता ने उसकी दृष्टि छीन ली थी। जिस कारण वह कहीं आने जाने और भोजन की व्यवस्था करने में असमर्थ था। पेड़ पर रहने वाले सभी पक्षी अपने भोजन से कुछ हिस्सा उसे …
Read More »एकाग्रता की ताकत!!
इंग्लैंड की राजपरम्परा में अनेक यशस्वी और प्रतिभाशाली शासक हुए हैं। जिनके नाम आज भी आदर और सम्मान के साथ लिए जाते हैं। उन्हीं में से एक राजा अल्फ्रेड का नाम भी इंग्लैंड के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है। अल्फ्रेड का शासनकाल जनता की भलाई के लिए किए गए कार्यों के लिए जाना जाता है। परंतु उनका जीवन प्रारम्भ …
Read More »मन की पवित्रता!!
एक समय की बात है। एक नगर के बाहर एक सन्यासी का भव्य आश्रम था। उन सन्यासी महाराज का नगर में बड़ा नाम था। वे बड़े नियम और धर्मपूर्वक जीवन व्यतीत करते थे। रोज सैकड़ों लोग उनके दर्शन को आते। बाहर से देखने पर वे बड़े संयमित और धीर गंभीर लगते थे। परंतु सच्चाई यह थी कि उनका मन बड़ा …
Read More »नाम का महत्व!!
एक बालक था। उसके निरक्षर माता पिता ने उसका नाम पापक रख दिया। जिसका अर्थ होता है पाप करने वाला। उन्हें अर्थ का पता नहीं था। जब बालक कुछ बड़ा हुआ और पढ़ने गया तब उसे अपने नाम का अर्थ पता चला। इससे उसे बड़ी खिन्नता हुई। उसने सोचा कि अपना नाम बदल लिया जाय। इसलिए वह अपने गुरु के …
Read More »सोने का कटोरा !!
जातक कथाओं के अंतर्गत पूर्व जन्म में बोधिसत्व का नाम सेरिवान था। वे एक बर्तन के व्यापारी थे। वे भगवान बुद्ध थे। अतः ईमानदारी, सदाचार, निस्पृहता आदि गुण उनमें स्वतः ही विद्यमान थे। एक बार सेरिवान एक अन्य बर्तन व्यापारी के साथ नदी पारकर एक कस्बे में बर्तन बेचने गए। वे पुराने बर्तनों के बदले नए बर्तन देते थे। दूसरा …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…