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रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग

Rameshwaram Jyotirling story

रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग दक्षिण भारत के समुद्र तट पर स्थित है। कहते हैं मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने स्वयं अपने हाथों से श्री रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग (Shri Rameshwaram Jyotirling) की स्थापना की थी। रामेश्वरम की कथा (Story of Shri Rameshwaram Jyotirling in Hindi) शिव पुराण के अनुसार जब श्रीराम ने रावण के वध हेतु लंका पर चढ़ाई की थी तो विजयश्री की …

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हम राम जी के राम जी हमारे हैं

Hum Raam Ji ke Raam Ji Hamare Hai Story

  हम राम जी के, राम जी हमारे हैं वो तो दशरथ राज दुलारे हैं मेरे नयनो के तारे हैं सारे जग के रखवारे हैं मेरे तो प्राण अधारे हैं सब भगतन के रखवारे हैं जो लाखो पापीओं को तारे हैं जो अघमन को उधारे हैं हम इनके सदा सहारे हैं हम उनकी शरण पधारे हैं गणिका और गीध उधारे …

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ओम्कारेश्वर ज्योतिर्लिंग

Dvadash Jyotirling

  देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक ओंकारेश्वर तीर्थ (Shri Omkareshwar Jyotirling) अलौकिक है। यह तीर्थ नर्मदा नदी के किनारे विद्यमान है। नर्मदा नदी के दो धाराओं के बंटने से एक टापू का निर्माण हुआ था जिसका नाम मान्धाता पर्वत पड़ा। आज इसे शिवपुरी भी कहा जाता है। इसी पर्वत पर भगवान ओंकारेश्वर और परमेश्वर विराजमान हैं। ओम्कारेश्वर ज्योतिर्लिंग …

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मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग

Dvadash Jyotirling -5

श्रीशैलम (श्री सैलम नाम से भी जाना जाता है) नामक ज्योतिर्लिंग आंध्रप्रदेश के पश्चिमी भाग में कुर्नूल जिले के नल्लामल्ला जंगलों के मध्य श्री सैलम पहाड़ी पर स्थित है। यहां शिव की आराधना मल्लिकार्जुन नाम से की जाती है। मंदिर का गर्भगृह बहुत छोटा है और एक समय में अधिक लोग नहीं जा सकते। शिवपुराण के अनुसार भगवान कार्तिकेय को …

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राम को देख कर के जनक नंदिनी

Janki Janki Main Na Du Janki Story

राम को देख कर के जनक नंदिनी, बाग़ में वो खड़ी की खड़ी रह गयी । राम देखे सिया को सिया राम को, चारो अँखिआ लड़ी की लड़ी रह गयी ॥ यज्ञ रक्षा में जा कर के मुनिवर के संग, ले धनुष दानवो को लगे काटने । एक ही बाण में ताड़का राक्षसी, गिर जमी पर पड़ी की पड़ी रह …

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केदारनाथ मंदिर

Kedarnath Story

पवित्र ज्योतिर्लिंग केदारनाथ भगवान शिव के साधना स्थल हिमालय पर्वत के केदार नामक शृंग पर स्थित हैं। उत्तराखंड में हिमालय पर्वत की गोद में केदारनाथ मंदिर बारह ज्योतिर्लिंग में सम्मिलित होने के साथ-साथ चार धाम में से भी एक है। यहां की प्रतिकूल जलवायु के कारण यह मंदिर अप्रैल से नवंबर माह के मध्य ही दर्शन के लिए खुलता है। …

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श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने मैं

Lote chalo tum ghar ko story

नहीं चलाओ बाण व्यंग के ऐह विभीषण ताना ना सेह पाऊं, क्यों तोड़ी  है यह माला, तुझे  ए  लंकापति बतलाऊं मुझ में भी है तुझ में भी है, सब में है समझाऊं ऐ लंका पति विभीषण ले देख मैं तुझ को आज दिखाऊं – जय श्री राम – श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में, देख लो मेरे मन …

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राम भक्त ले चला रे राम की निशानी

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प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि सादर भारत शीश धरी लीन्ही राम भक्त ले चला रे राम की निशानी, शीश पर खड़ाऊँ, अँखिओं में पानी । शीश खड़ाऊ ले चला ऐसे, राम सिया जी संग हो जैसे । अब इनकी छाव में रहेगी राजधानी, राम भक्त ले चला रे राम की निशानी ॥ पल छीन लागे सदिओं जैसे, चौदह वरष कटेंगे …

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घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग

Dvadash Jyotirling -5

महाराष्ट्र में औरंगाबाद के नजदीक दौलताबाद से 11 किलोमीटर दूर घृष्‍णेश्‍वर महादेव (Grishneshwar Mahadev Jyotirling Temple ) का मंदिर स्थित है। यह बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। कुछ लोग इसे घुश्मेश्वर के नाम से भी पुकारते हैं। बौद्ध भिक्षुओं द्वारा निर्मित एलोरा की प्रसिद्ध गुफाएं इस मंदिर के समीप ही स्थित हैं। इस मंदिर का निर्माण देवी अहिल्याबाई होल्कर …

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आन मिलो मोहे राम

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आन मिलो मोहे राम, राम मेरे । मन व्याकुल है, तन बेसुध है, अँखिओं में आ गए प्राण ॥ तुम तो दुःख में छोड़ गए हो, तोड़ के हमसे नाता, मेरे लिए रघुवीर तुम्ही हो पिता बंधू और माता । तुम ही नहीं तो मेरा जीवन आएगा किस काम ॥ आन मिलो मोहे राम, राम मेरे… जिस पथ से तुम …

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