लक्ष्य पर ध्यान लगाओ स्वामी विवेकानंद अमेरिका में भ्रमण कर रहे थे . एक जगह से गुजरते हुए उन्होंने पुल पर खड़े कुछ लड़कों को नदी में तैर रहे अंडे के छिलकों पर बन्दूक से निशाना लगाते देखा . किसी भी लड़के का एक भी निशाना सही नहीं लग रहा था . तब उन्होंने ने एक लड़के से बन्दूक ली और …
Read More »vikkykyt@yahoo.com
सादगी ऐसी भी ना हो
किसी गाँव में किसी कुंए के पास एक सर्प रहता था. वह बहुत ही दुष्ट सर्प था और हर किसी को परेशान करता रहता था. गाँव के लोग उस सर्प के डर से कुंए के पास जाने से भी डरते थे. एक दिन एक महात्मा उस गाँव में आये और गाँव वालों ने महात्मा जी को इस परेशानी के बारे …
Read More »तीन साधू
एक औरत अपने घर से निकली, उसने घर के सामने सफ़ेद लम्बी दाढ़ी में तीन साधू-महात्माओं को बैठे देखा। वह धन प्रेम सफलता उन्हें पहचान नही पायी। उसने कहा, ” मैं आप लोगों को नहीं पहचानती, बताइए क्या काम है ?” ” हमें भोजन करना है।”, साधुओं ने बोला। ” ठीक है ! कृपया मेरे घर में पधारिये और भोजन ग्रहण …
Read More »घमंडी कौवा
हंसों का एक झुण्ड समुद्र तट के ऊपर से गुज़र रहा था , उसी जगह एक कौवा भी मौज मस्ती कर रहा था . उसने हंसों को उपेक्षा भरी नज़रों से देखा “तुम लोग कितनी अच्छी उड़ान भर लेते हो !” कौवा मज़ाक के लहजे में बोला, “तुम लोग और कर ही क्या सकते हो बस अपना पंख फड़फड़ा कर …
Read More »हमारी प्राथमिकताएं
किसी जंगल में एक गर्भवती हिरणी थी, जिसका प्रसव होने को ही था. उसने एक तेज धार वाली नदी के किनारे घनी झाड़ियों और घास के पास एक जगह देखी जो उसे प्रसव हेतु सुरक्षित स्थान लगा. अचानक उसे प्रसव पीड़ा शुरू होने लगी, लगभग उसी समय आसमान में काले -काले बादल छा गए और घनघोर बिजली कड़कने लगी जिससे …
Read More »वीर अभिमन्यु
कुरुक्षेत्रमें कौरवोंके रथी-महारथियोंसे अपने प्राणोंको दांवपर लगाकर लडते हुए वीरगतिको प्राप्त होनेवाला अभिमन्यु, अर्जुन एवं सुभद्राका पुत्र था । वह अर्जुनके समान ही शूर-वीर था । वह सभी प्रकारके शस्त्र-संचालनमें प्रवीण था । उस बालवीरद्वारा दिखाए गए अद्भुत शौर्यकी तुलना हो ही नहीं सकती । कौरव-पाण्डवोंके मध्य युद्धके समय द्रोणाचार्य कौरवोंके सेनापति थे । वे पाण्डवोंकी सेनासे निरन्तर पराजित होनेके …
Read More »आखिरी उपदेश
गुरुकुल में शिक्षा प्राप्त कर रहे शिष्यों में आज काफी उत्साह था , उनकी बारह वर्षों की शिक्षा आज पूर्ण हो रहीथी और अब वो अपने घरों को लौट सकते थे . गुरु जी भी अपने शिष्यों की शिक्षा-दीक्षा से प्रसन्न थे और गुरुकुल की परंपरा के अनुसार शिष्यों को आखिरी उपदेश देने की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने ऊँची आवाज़ …
Read More »झटक कर आगे बढ़ जाएं
बहुत समय पहले की बात है , किसी गाँव में एक किसान रहता था . उसके पास बहुत सारे जानवर थे , उन्ही में से एक गधा भी था . एक दिन वह चरते चरते खेत में बने एक पुराने सूखे हुए कुएं के पास जा पहुचा और अचानक ही उसमे फिसल कर गिर गया . गिरते ही उसने जोर -जोर से चिल्लाना शुरू …
Read More »दृष्टिकोण का फ़र्क (difference in attitude of mind)
बहुत समय पहले की बात है ,किसी गाँव में एक किसान रहता था . वह रोज़ भोर में उठकर दूर झरनों से स्वच्छ पानी लेने जाया करता था . इस काम के लिए वह अपने साथ दो बड़े घड़े ले जाता था , जिन्हें वो डंडे में बाँध कर अपने कंधे पर दोनों ओर लटका लेता था . उनमे से …
Read More »महात्मा जी की बिल्ली (story of superstition)
एक बार एक महात्माजी अपने कुछ शिष्यों के साथ जंगल में आश्रम बनाकर रहते थें, एक दिन कहीं से एक बिल्ली का बच्चा रास्ता भटककर आश्रम में आ गया । महात्माजी ने उस भूखे प्यासे बिल्ली के बच्चे को दूध-रोटीखिलाया । वह बच्चा वहीं आश्रम में रहकर पलने लगा। लेकिन उसके आने के बाद महात्माजी को एक समस्या उत्पन्न हो …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…