14 वर्ष के वनवास में श्रीराम प्रमुख रूप से 17 जगह रुके, देखिए यात्रा का नक्शा प्रभु श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास हुआ। इस वनवास काल में श्रीराम ने कई ऋषि-मुनियों से शिक्षा और विद्या ग्रहण की, तपस्या की और भारत के आदिवासी, वनवासी और तमाम तरह के भारतीय समाज को संगठित कर उन्हें धर्म के मार्ग पर चलाया। …
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कोई बांझ नही कहेगा
*कोई बांझ नही कहेगा*आधी रात का समय था रोज की तरह एक बुजुर्ग शराब के नशे में अपने घर की तरफ जाने वाली गली से झूमता हुआ जा रहा था, रास्ते में एक खंभे की लाइट जल रही थी, उस खंभे के ठीक नीचे एक 15 से 16 साल की लड़की पुराने फटे कपड़े में डरी सहमी सी अपने आँसू …
Read More »#रामचरित_मानस_के_कुछ_रोचक_तथ्य
#रामचरित_मानस_के_कुछ_रोचक_तथ्य____ 1:~लंका में राम जी = 111 दिन रहे। 2:~लंका में सीताजी = 435 दिन रहीं। 3:~मानस में श्लोक संख्या = 27 है। 4:~मानस में चोपाई संख्या = 4608 है। 5:~मानस में दोहा संख्या = 1074 है। 6:~मानस में सोरठा संख्या = 207 है। 7:~मानस में छन्द संख्या = 86 है। 8:~सुग्रीव में बल था = 10000 हाथियों का। 9:~सीता …
Read More »मुनि
रामायण में आज जिन अगत्स्य मुनि की चर्चा हुई है, यदि उनके कार्य ही आप याद रखें तो फेक आर्य-द्रविड़ थ्योरी को आप काट सकते हैं:- १) अगत्स्य मुनि ने ही उत्तर भारत और दक्षिण भारत को जोड़ा। अर्थात भारत को अपने ज्ञान व कर्म से एक सूत्र में पिरोया। ब्रिटिशर्स व मार्क्सवदियों के झूठ की तरह उत्तर-दक्षिण में कोई …
Read More »उर्मिला
उर्मिला’ संभवतया रामायण की सर्वाधिक उपेक्षित पात्र है.. जब भी रामायण की बात आती है तो हमें मर्यादा पुरुषोत्तम राम याद आते हैं जो अपने पिता के वचन के लिए १४ वर्षों के वन को चले गए थे.. हमें देवी सीता याद आती हैं जो अपने पति के पीछे-पीछे वन की और चल दी..एक आदर्श भाई महापराक्रमी लक्ष्मण याद आते …
Read More »रामायण में घास (दूब ) के तिनके का रहस्य
एक घास के तिनके का भी रहस्य है, जो हर किसी को नहीं मालूम क्योंकि आज तक हमने हमारे ग्रंथो कोसिर्फ पढ़ा, समझने की कोशिश नहीं की।रावण ने जब माँ सीता जी का हरण करके लंका ले गया तब लंका मे सीता जी वट वृक्ष के नीचे बैठ कर चिंतन करने लगी। रावण बार बार आकर माँ सीता जी को …
Read More »अक्सर आखिरी प्रयास में छुपी होती है कामयाबी
किसी दूर गाँव में एक पुजारी रहते थे जो हमेशा धर्म कर्म के कामों में लगे रहते थे । एक दिन किसी काम से गांव के बाहर जा रहे थे तो अचानक उनकी नज़र एक बड़े से पत्थर पे पड़ी । तभी उनके मन में विचार आया कितना विशाल पत्थर है क्यूँ ना इस पत्थर से भगवान की एक मूर्ति …
Read More »हबीबुल्ला
मैंने सुना है, हबीबुल्ला नामक एक सरदार एक बार तुर्की के राजा कादिर हसन के पास अपने घोड़े को बेचने के लिए गया। राजा कादिर ने पूछा—इसकी क्या कीमत है? सरदार ने जवाब दिया—सिर्फ पाँच हजार रुपए, श्रीमान! राजा ने कहा—मित्र, इसकी कीमत पाँच सौ रुपए से अधिक नहीं है। परंतु सरदार ने पाँच हजार रुपए से कम में घोड़ा …
Read More »पाप का बाप कौन ?
तीन शूरवीर क्षत्रिय कहीं किसी कार्यवश जा रहे थे। रास्ते में उन्होंने देखा कि एक यात्री को रास्ते में किसी ने मार कर डाल दिया है। इस घटना पर दुखी होते हुए वे आगे चले जा रहे थे कि एक विधवा स्त्री दिखाई पड़ी। जिसका सारा धन-धान्य दूसरे लोगों ने छीन लिया था और उसे मार-पीट कर घर से भगा …
Read More »महाभारत_चक्रव्यूह
विश्व का सबसे बड़ा युद्ध था महाभारत का कुरुक्षेत्र युद्ध। इतिहास में इतना भयंकर युद्ध केवल एक बार ही घटित हुआ था।अनुमान है कि महाभारत के कुरुक्षेत्र युद्ध में परमाणू हथियारों का उपयॊग भी किया गया था। ‘चक्र’ यानी ‘पहिया’ और ‘व्यूह’ यानी ‘गठन’।पहिए के जैसे घूमता हुआ व्यूह है चक्रव्यूह।कुरुक्षेत्र युद्ध का सबसे खतरनाक रणतंत्र था चक्रव्यूह। यद्यपि आज …
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