एक बार जंगल में राजा चुने जाने के लिए चुनाव हुए। चुनाव के लिए सभी जानवरों ने अपनी-अपनी प्रतिभा दिखाई और अंत में बंदर का नाच सब जानवरों को पसंद आया।
अब सबने एकमत से फैसला करके बंदर को ही अपना राजा घोषित कर दिया। लेकिन लोमड़ी को बंदर का राजा बनना अच्छा नहीं लगा, इसलिए वह उसे नीचा दिखाने के लिए मौका तलाशने लगी।
एक दिन उसे यह मौका मिल ही गया। उसने जंगल में किसी शिकारी द्वारा छोड़ा गया फंदा देखा। गोल किए हुए फंदे में थोड़ी-सी खाने की वस्तुएँ रखी थीं।
लोमड़ी बंदर से बोली, “राजन्! मैंने आपको भेंट करने के लिए कुछ खाने की चीजें रखी हैं।आप इन्हें खाएंगे तो मुझे खुशी होगी।” बंदर ने जैसे ही खाने की चीजें देखीं, वह तुरंत उनकी ओर झपटा और फंदे में फँस गया।
लोमड़ी ने सभी जानवरों को बुलाकर फंदे में फँसा बंदर दिखाते हुए कहा, “यह बंदर जब अपनी रक्षा नहीं कर सकता तो हमारी रक्षा कैसे करेगा? यह राजा बनने के योग्य नहीं है।”
Moral of Story
शिक्षा : हमें हर काम अपने विवेक से करना चाहिए।
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