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मुश्किल है इस जहां में इनको तलाशना

मुश्किल है इस जहां में इनको तलाशना

एक दार्शनिक थे। वह चिंतन में लीन रहते थे। बोलते थे, तो बड़ी गहरी बात कहते थे। इससे लोग उनका बहुत मान-सम्मान किया करते थे। लेकिन कभी-कभी उनकी बातें अजीब-सी होती थीं, और वो स्वयं अपनी ही बातों पर हंसी नहीं रोक पाते थे। एक दिन लोगों ने देखा कि दार्शनिक महोदय हाथ में जलती लालटेन लए कहीं जा रहे …

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एक तमाचा, वो जिंदगी भर नहीं भुला सका

story of two frends

एक बार दो दोस्त रेगिस्तान के रास्ते अपने घर जा रहे थे। रास्ते में दोनों में कुछ कहा-सुनी हो गई। बात इतनी बढ़ गई की उनमे से एक मित्र ने दूसरे के गाल पर जोर से तमाचा मार दिया। जिस मित्र को तमाचा पड़ा उसे दुःख तो बहुत हुआ किंतु उसने कुछ नहीं कहा। वह झुका और उसने वहां रेत …

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इस महान व्यक्ति ने जब दिया अपनी महानता का परिचय

इस महान व्यक्ति ने जब दिया अपनी महानता का परिचय

नेपोलियन बोनापार्ट कहीं जा रहा था। रास्ते में उसकी नजर एक दृश्य पर पड़ी। वह रुक गया। उसने देखा कई कुली मिलकर भारी खंभों को उठाने का प्रयास कर रहे हैं। पास में ही खड़ा एक व्यक्ति उन्हें तरह- तरह के निर्देश दे रहा है। नेपोलियन ने उस आदमी के करीब जाकर कहा, ‘भला आप क्यों नहीं इन बेचरों की …

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आत्मा भी करती है भोजन

आत्मा भी करती है भोजन

प्रार्थना सभा के बाद एक वकील ने महात्मा गांधी से पूछा, ‘आप प्रार्थना में जितना समय व्यतीत करते हैं, अगर उतना ही समय देश सेवा में लगाया होता, तो अभी तक कितनी सेवा हो जाती?’ गांधी जी गंभीर हो गए और बोले, वकील साहब, आप भोजन करने में जितना समय बर्बाद करते हैं, ‘अगर वही समय कामकाज में लगाया होता …

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मैं अपना चित्र बनवाऊँगा

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एक बार कन्हैया को जिद्द चढ़ गई कि मैं अपना चित्र बनवाऊँगा ये बात कान्हा ने मईया ते कही, मईया मै अपना चित्र बनवाऊँगो, मईया बोली चित्र बनवाय के का करेगो, कन्हैया बोले, मोय कछू ना पतो मैं तो बनवाऊँगो, मईया कन्हैया को एक औरत के पास ले गई जिसका नाम था चित्रा, वो ऐसा चित्र बनाती थी कि कोई …

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उन्होंने ग्रंथ के टुकड़े किए और गंगा में बहा दिया

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             Chaitanya Mahaprabhu एक बार चैतन्य महाप्रभु बचपन के मित्र रघुनाथ शास्त्री के साथ नाव से यात्रा कर रहे थे। शास्त्री जी विद्वान एवं संस्कृत के प्रकांड विद्वान व्यक्ति थे। उन्हीं दिनों चैतन्य महाप्रभु ने न्यायशास्त्र पर बहुत ही उच्चकोटि का ग्रंथ लिखा। उन्होंने वह ग्रंथ शास्त्री जी को दिखाया। ग्रंथ को गौर से देखने …

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मान सम्मान से परे एक मर्मस्पर्शी पत्र

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सन् 1952 में इज़राइल के प्रथम राष्ट्रपति कैम वीजमान का निधन हो गया तो इज़राइल का राष्ट्रपति पद स्वीकारने के लिए महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन से प्रार्थना की गई। आइंस्टीन ने विनम्रता से उस प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया और इज़राइली राजदूत अब्बा एवान को एक पत्र लिखा। वो पत्र कुछ इस तरह था, ‘मुझे प्रकृति के बारे में थोड़ा …

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महाभारत युद्ध में तीर भी बोलते थे यह है प्रमाण

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                                                   KARAN AND ARJUN OF MAHABHARAT द्वापरयुग में महाभारत युद्ध के समय की बात है, कौरवों और पांडवों में युद्ध चल रहा था। कर्ण, अर्जुन को मारने की शपथ ले चुके थे। कर्ण लगातार बाणों की …

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कलियुग का लक्ष्मण

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” भैया, परसों नये मकान पे हवन है। छुट्टी (इतवार) का दिन है। आप सभी को आना है, मैं गाड़ी भेज दूँगा।” छोटे भाई लक्ष्मण ने बड़े भाई भरत से मोबाईल पर बात करते हुए कहा। ” क्या छोटे, किराये के किसी दूसरे मकान में शिफ्ट हो रहे हो ?” ” नहीं भैया, ये अपना मकान है, किराये का नहीं …

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जब युवा कबीर ने बताई गंगा जल की शुद्धता

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वाराणसी की एक तंग गली में एक ब्राह्मण बीमारी की अवस्था में शय्या पर पड़ा था। युवा कबीर गंगा स्नान के लिए जा रहे थे। ब्राह्मण की दशा देखकर उसके पास पहुंचे। उन्होंने कहा, ‘मेरे लायक कोई सेवा हो तो जरूर बताइगा।’ तब ब्राह्मण ने कहा, ‘बेटा मेरा अंत समीप है। मैं अकेला हूं। जीवन के अंतिम समय में थोड़ा …

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