Breaking News

blog

blog

मौत की भी मौत

Colorful religious krishna janmashtami card background

जो भगवान् के भक्त होते हैं , उनके स्वमी भी भगवान् ही होते हैं । उनपर मौत का अधिकार नहीं होता । अन्यथा चेष्टा करने से मौत की भी मौत हो जाती है । एक बार गोदावरी नदी के तट पर ‘श्वेत’ नाम के एक ब्राह्मण रहते थे । उनका सारा समय सदाशिव की पूजा में व्यतीत होता था । …

Read More »

हर – भगवान शिव के अवतार

Ek Bar Bhagwan Narayan Story

शैवागम के अनुसार भगवान रुद्र के आठवें स्वरूप का नाम हर है । भगवान हर को सर्वभूषण कहा गया है । इसका अभिप्राय यह है कि मंगल और अमंगल सब कुछ ईश्वर – शरीर में है । दूसरा अभिप्राय यह है कि संहारकारक रुद्र में संहार – सामग्री रहनी ही चाहिए । समय पर सृष्टि का सृजन और समय पर …

Read More »

श्रीराम भक्त

shree raam jee aur shree krshn jee

भगवान श्रीरामचंद्र जी ऐसे शरणागतवत्सल हैं कि जो जीव एक बार भी सच्चे हृदय से उनके शरणागत हो गया, उसके वचन और कर्तव्य की चूक पर फिर कभी दृष्टि न देकर वे केवल उसके ‘हिए’ के निश्चय की ओर ही देखते हैं । वे कतहते हैं कि ‘इस जीवन ने अनन्य गति से मुझको अपना शरण्य निश्चय कर लिया है, …

Read More »

श्रीराम मर्यादा चरित्र

raam-maryaada2

पिता – भक्ति श्रीरघुनाथ जी नित्य प्राय: काल उठकर श्रीपिता जी को नमस्कार करते थे और अपने संपूर्ण कार्य उनकी आज्ञा के अनुसार करके अपनी सेवा से उन्हें प्रसन्न रखते थे । यहां तक कि उन्होंने अयोध्या की चक्रवर्ती राज्यश्री को पिता के वचन के नाते तृणवत् त्यागकर पितृभक्ति का अनुपम आदर्श चरितार्थ कर दिखाया । सारे संसार को आप …

Read More »

गीता के उपदेष्टा श्रीकृष्ण

Abhimanu Mahabharat Mahakavye

परब्रह्म पुरुषोत्तम भगवान अपनी माया का अपनी योगमाया का अधिष्ठान करके मनुष्य रूप से सृष्टि में प्रकट होते हैं और संसार – चक्र की स्थानविच्युता धुरी को पुन: सुव्यवस्थित कर, अनेकता में एकत्व का अर्थात् भिन्न – भिन्न रूप से दिखनेवाले व्यक्तियों का मूलस्वरूप एक ही है, यह भान होने के लिए सुविधा प्रदान कर देते हैं । इस बात …

Read More »

भगवान शिव का भिक्षुवर्यावतार

krshnadarshan - bhagavaan shiv ke avataar

विदर्भ देश में एक सत्यरथ नाम से प्रसिद्ध राजा थे । धर्मपूर्वक प्रजा का पालन करते हुए उनका बहुत सा समय सुखपूर्वक बीत गया । तदंनतर एक दिन शाल्व देश के राजा ने उनकी राजधानीपर आक्रमण कर दिया । शत्रुओं के साथ युद्ध करते हुए राजा सत्यरथ की सेना नष्ट हो गयी । फिल दैवयोग से राजा भी शत्रुओं के …

Read More »

Mul Bhand

SITALI KRIYA

  Accueil >> Le Kundalini Yoga >> Yogi BHAJAN >> Où pratiquer le Kundalini Yoga ? >> Stages et évènements >> Le Festival de Yoga >> Exercices et méditations >> Livres et manuels >> Devenir professeur de KY >> En savoir plus sur la FFKY >> Structure Internationale (3HO) >> Fédération Internationale (IKYTA) >> “The Aquarian Teacher” en français >> …

Read More »

अद्भुत अतिथि सत्कार (Wonderful hospitality)

Wonderful hospitality

एक दिन एक व्याध भयानक वन में शिकार करते समय पत्थर – पानी – हवा की चोट से अत्यंत दुर्गति में पड़ गया । कुछ दूर आगे बढ़ने पर उसे एक वृक्ष दिखा । उसकी छाया में जाने पर उसे कुछ आराम मिला । तब तब उसे स्त्री – बच्चों की चिंता सताने लगी । इधर सूर्यास्त भी हो गया …

Read More »

Brahm Mudra

हयांगे-मादलाय्या-कृष्णा

  Accueil >> Le Kundalini Yoga >> Yogi BHAJAN >> Où pratiquer le Kundalini Yoga ? >> Stages et évènements >> Le Festival de Yoga >> Exercices et méditations >> Livres et manuels >> Devenir professeur de KY >> En savoir plus sur la FFKY >> Structure Internationale (3HO) >> Fédération Internationale (IKYTA) >> “The Aquarian Teacher” en français >> …

Read More »

Wha Guru Kriya

SITALI KRIYA

  Accueil >> Le Kundalini Yoga >> Yogi BHAJAN >> Où pratiquer le Kundalini Yoga ? >> Stages et évènements >> Le Festival de Yoga >> Exercices et méditations >> Livres et manuels >> Devenir professeur de KY >> En savoir plus sur la FFKY >> Structure Internationale (3HO) >> Fédération Internationale (IKYTA) >> “The Aquarian Teacher” en français >> …

Read More »