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हमारी मुट्ठी में आकाश सारा…
हमारी ही मुद्ठी में आकाश सारा ,जब भी खुलेगी चमकेगा तारा ॥कभी न ढले जो, वो ही सितारा ,दिशा जिससे पहचाने संसार सारा ॥ हथेली पे रेखाएँ हैं सब अधूरी ,किसने लिखी हैं, नहीं जानना है ॥सुलझाने उनको, ना आएगा कोई, समझना है ,उनको ये अपना करम है ॥अपने करम से दिखाना है सबको ,खुदका पनपना, उभरना है खुदको ॥अँधेरा …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…