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बॅया के बिहारी कृष्णा मुरारी
मेरी भारी खाहा छुपी दर्शन डीजो शरण मे लीजो हम बलि हरी कहा छुपीए आनकामी चोली हमे ना भावे ..2 जाग माया के चाल बिजाये रास रचाकर भांसी भाजकर..2 ढेनु चरकार प्रीत जगाकर ..2 नटवर नगर नतूर चलिया…2 लीला न्यारी खाहा छुपीए सर्वा व्यापक तुम अविनाशी..2 जल कल गगन रवि घाट वासी..2 योगा सुनकर रात को चलकर..2 कहा कोगआई हुमको …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…