blog
गुरु बिन कौन सम्हारे
गुरु बिन कौन सम्हारे । को भव सागर पार उतारे ॥ टूटी फूटी नाव हमारी पहुँच न पाई तट पर । जैसे कोई प्यासा राही । भटक गया पनघट पर । पास खड़ा गुरु मुस्काता है । दोनों बाँह पसारे। वो भवसागर पार उतारे । गुरु बिन … मेरे राम मुझे शक्ति दो । मन में मेरे दृढ़ भक्ति दो …
Read More »
पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…