ब्रज माखन चोरी करत कन्हैया,
सुबल सुमंगल तोशन मंगल,
सखा श्रीदामा मिलत कन्हैया,
ब्रज माखन चोरी———-
नंग धणंग संत नागा बन,
ब्रज लरिकन संग फिरत कन्हैया,
ब्रज माखन चोरी———
चोरन सरदार चुनत नित नव गृह,
गुढ़ लक्ष्य मिलि गढ़त कन्हैया,
ब्रज माखन चोरी———-
रंगे हाँथ पकड़त ब्रज गोपिन,
सहत उपहास नित यशुमति मैया,
ब्रज माखन चोरी———-
प्रगटे हरि जब तें ब्रज गोकुल,
नित अद्भुत लीला रचत कन्हैया,
ब्रज माखन चोरी…………..
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