आज की यह कहानी दीपावली से संबधित है । भागवत पुराण में बताए अनुसार, भगवान श्रीविष्णु ने वराह अवतार धारण कर भूमि देवता को समुद्र से निकाला था । इसके बाद भूमि देवता ने एक पुत्र को जन्म दिया । उसका नाम भौम था । पिता एक परमदेव और माता पुण्यात्मा होने पर भी पर भौम क्रूर था, इसलिए उसका …
Read More »Baby Name
तपस्या का फल !
बहुत वर्ष पूर्व ऋषि-मुनी भगवान को पाने के लिए कठोर तपस्या करते थे । यह तपस्या कैसी रहती थी ? एक पांव पर खडे होकर नमस्कार की मुद्रा में भगवान का नामजप करना, पानी में नमस्कार की मुद्रा में खडे रहकर अखंड भगवान का नामजप करना, हिमालय जैसे पर्वत पर जाकर अत्यंत ठंड में एक ही जगह अनेक वर्षाें तक …
Read More »श्री कृष्णजी ने बनाया अपनी बंसूरी से श्रीराधा के लिए कुंड : आइए जाने
एक बार कंस ने भगवान श्रीकृष्ण का वध करने के लिए अरिष्टासुर नाम के दैत्य को भेजा । अरिष्टासुर गाय के बछडे का रूप लेकर श्रीकृष्ण की गायों में शामिल हो गया और उन्हें मारने लगा । भगवान श्रीकृष्ण ने बछडे के रूप में छिपे दैत्य को पहचान लिया । श्रीकृष्ण ने उसको पकडा और भूमी पर पटक पटककर उसका …
Read More »लक्ष्मणजी की तपस्या प्रभु श्रीरामजी के साथ !
प्रभु श्रीरामजी के तीनों भाई अर्थात् लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न उनकी सेवा करते थे । वे श्रीरामजी को पिता समान मानते थे और उनकी आज्ञा का पालन करते थे । प्रभु श्रीरामजी के साथ लक्ष्मणजी वनवास गए थे । प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण इनमें अगाध प्रेम था । रावण के साथ जब महाभयंकर युद्ध हुआ था, तब लक्ष्मणजी ने रावण …
Read More »#जगन्नाथ_धाम, #पुरी की रसोई अत्यंत अद्भुत है…
172 साल पुराने इस मंदिर के एक एकड़ में फैली 32 कमरों वाली इस विशाल रसोई (150 फ़ीट लंबी, 100 फ़ीट चौड़ी और 20 फ़ीट ऊँची) में भगवान् को चढ़ाये जाने वाले महाप्रसाद को तैयार करने के लिए 752 चूल्हे इस्तेमाल में लाए जाते हैं…और लगभग 500 रसोइए तथा उनके 300 सहयोगी काम करते हैं….ये सारा प्रसाद मिट्टी की जिन …
Read More »माता शबरी बोली- यदि रावण का अंत नहीं करना होता तो राम तुम यहाँ कहाँ से आते?”
राम गंभीर हुए। कहा, “भ्रम में न पड़ो अम्मा! राम क्या रावण का वध करने आया है? छी… अरे रावण का वध तो लक्ष्मण अपने पैर से वाण चला कर भी कर सकता है। राम हजारों कोस चल कर इस गहन वन में आया है तो केवल तुमसे मिलने आया है अम्मा, ताकि हजारों वर्षों बाद जब कोई पाखण्डी भारत …
Read More »महात्मा गांधी
जब गांधीजी ने 125 वर्ष जीने की इच्छा का सार्वजनिक रूप से त्याग किया9 सितम्बर 1947 को गांधीजी अपना नोआखाली, बिहार और कलकत्ता मिशन पूरा करके दिल्ली लौटे। रेलवे स्टेशन पर उन्हें लेने के लिए सरदार पटेल और राजकुमारी अमृत कौर पहुंचे। गांधीजी ने सरदार पटेल का बुझा हुआ चेहरा देखकर पूछा कि सरदार क्या बात है? तुम गर्दन झुकाकर …
Read More »श्री बाबा बालक नाथ चालीसा का पाठ
श्री बाबा बालक नाथ चालीसा का पाठ सभी दुःख-दर्द दूर करने वाला है। कहते हैं कि जो भी साफ़ अन्तःकरण से प्रतिदिन बाबा का स्मरण करता है, उसकी सभी मनोकामनाएँ उनकी कृपा से पूर्ण हो जाती हैं। जो संतानहीन हैं, उन्हें बाबा के आशीर्वाद से निश्चित ही संतान-प्राप्ति होती है। भगवान श्री शिव की अमर कथा से यह बात स्पष्ट …
Read More »भीखा जी कामा
“भारत आज़ाद होना चाहिए; भारत गणतंत्र होना चाहिए; भारत में एकता होनी चाहिए।”ये उस महिला के शब्द थे, जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत में पहली बार भारतीय झंडा फहराया। भारत की आज़ादी से चार दशक पहले, साल 1907 में विदेश में पहली बार भारत का झंडा एक महिला ने फहराया था! 46 वर्षीया भीकाजी कामा ने जर्मनी के स्टुटगार्ट में हुई दूसरी …
Read More »भगवान श्री राम को 14 वर्ष का वनवास
भगवान श्री राम को 14 वर्ष का वनवास हुआ तो उनकी पत्नी माँ सीता ने भी सहर्ष वनवास स्वीकार कर लिया।परन्तु बचपन से ही बड़े भाई की सेवा मे रहने वाले लक्ष्मण जी कैसे राम जी से दूर हो जाते! माता सुमित्रा से तो उन्होंने आज्ञा ले ली थी, वन जाने की.. परन्तु जब पत्नी उर्मिला के कक्ष की ओर …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…