एक जंगल में एक शेर अपनी शेरनी के साथ रहता था। दोनों में बहुत ही बड़ा प्रेम था। दोनों शिकार के लिए साथ-साथ जाते और शिकार मारकर साथ ही खाया करते थे। कुछ दिनों बाद शेरनी ने दो बच्चों को जन्म दे दिया। शेर ने कहा, “अब तुम शिकार के लिए मत चला करो। घर पर ही रहकर बच्चों की …
Read More »story katha
घमंडी बाघ!!
एक समय की बात है, एक जंगल में एक बाघ रहता था। एक दिन, बाघ अपनी गुफा से बाहर निकल आया और शिकार की तलाश में चला गया। थोड़ा देर चलने के बाद बाघ ने एक हिरन की शिकार की। जैसे-जैसे बाघ अपने भोजन का आनंद ले रहा था, एक छोटी हड्डी उसके जबड़े में फंस गई। उसने अपने पंजे …
Read More »हाथी और उसके दोस्त!!
सीमापुर गांव के पास एक बड़ा सा जंगल था। उस गांव में बहुत सारे जंगली जानवर रहते थे। उस जंगल में एक अकेला हाथी रहता था, जिसके साथ कोई भी दोस्ती नहीं करना चाहता था। वह अकेला हाथी दोस्तों की तलाश में जंगल में भटकता रहता था। एक बार हाथी को कुछ खरगोश मिले। “भाई क्या में तुम्हारा दोस्त बन …
Read More »वाचाल गधा और धोबी – पंचतंत्र की कहानी!!
एक शहर में शुद्धपट नाम का एक धोबी रहता था। उसके पास एक गधा भी था। गधे को पर्याप्त भोजन ना मिलने के कारण वह बहुत ही दुबला पतला और कमजोर हो गया था जिसके चलते वह ढंग से काम भी नहीं कर पा रहा था। धोबी को चिंता होने लगी, उसके मन में विचार आया कि कुछ दिन पहले …
Read More »हमेशा सोच समझ कर काम करो – पंचतंत्र की कहानी !!
दक्षिण भारत के एक प्रसिद्ध नगर पाटलिपुत्र में मणिभद्र नाम का एक धनिक महाजन रहता था। लोक सेवा और धार्मिक कार्यों में निहित रहने के कारण मणिभद्र के पास धन संचय में कमी हो गई। इस बात को लेकर मणिभद्र काफी चिंतित रहता था। उसकी यह चिंता निरर्थक नहीं थी। धन विहीन मनुष्य के गुण भी दरिद्रता के तले दब …
Read More »कुत्ता जो विदेश चला गया – पंचतंत्र की कहानी!!
प्राचीन समय में एक गांव में चित्रांग नाम का एक कुत्ता रहता था। एक बार उस गांव में अकाल पड़ गया। अकाल पड़ने के कारण अन्न की बहुत ज्यादा कमी हो गई, जिसके कारण कई कुत्तों के वंश का नाश हो गया। चित्रांग भी इस समस्या के कारण बहुत ही चिंतित रहता था।h जिसके घर में घुसकर चित्रांग ने खाना …
Read More »नंद के लाला यशोदा के प्यारे
नंद के लाला यशोदा के प्यारेराधा के प्रियतम ओह मोहन प्यारे….-2 वन में थे तुम तो गउए चरातेग्वालिनों से थे माखन चुराते -2गोवर्धन को नक पे थे धारे।राधा के प्रियतम ओह मोहन प्यारे।नंद के लाला यशोदा के प्यारे…… कुंझ गलियां में थे रास रचातेराधिका जी को तुम थे रिझाते -2बंसी बजा के जमुना किनारे।राधा के प्रियतम ओह मोहन प्यारे।नंद के …
Read More »सरखेल कान्होजी आंग्रे : मराठा नौदल प्रमुख
मराठा साम्राज्य में सरखेल कान्होजी आंग्रे ‘मराठा नौसेना’ के प्रमुख थे । कान्होजी आंग्रे लगभग २५ वर्षों तक भारत के कोंकण का सागरी तट को स्वराज्य में सुरक्षित रखने में सफल हुए थे । सागर के सम्राट कान्होजी आंग्रे को नौसेनाधिपति (सरखेल) आंग्रे भी कहा जाता है । १८ वीं शताब्दी में वह मराठा साम्राज्य की नौसेना के सेनापति थे …
Read More »राधा का चरणामृत
आज हम बालकृष्ण और राधा का एक प्रसंग सुनेंगे । एक बार गोकुल में बालकृष्ण बीमार हो गए थे । कोई भी वैद्य, औषधि, जडी-बूटी उन्हें ठीक नहीं कर पा रही थी । गोपियों को यह बात पता चली । गोपियां कृष्ण से मिलने आई । कृष्ण की ऐसी स्थिति देखकर सभी गोपियों की आंखों में आंसू आ गए । …
Read More »गुरुभक्त संदीपक !
गोदावरी नदी के तट पर महात्मा वेदधर्मजी का आश्रम था । उनके आश्रम में अलग-अलग स्थानों से वेद अध्ययन करने के लिए विद्यार्थी आते थे । उनके शिष्यों में संदीपक नाम का अत्यंत बुद्धिमान शिष्य था । वह गुरुभक्त भी था । वेदों का अभ्यास पूर्ण होने पर उन्होंने अपने सभी शिष्यों को बुलाया और कहा कि, ‘‘मेरे प्रिय शिष्यों, …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…