ह्रीं श्रीं क्लीं मेधा प्रभा जीवन ज्योति प्रचण्ड ॥ शान्ति कान्ति जागृत प्रगति रचना शक्ति अखण्ड ॥ १॥ जगत जननी मङ्गल करनि गायत्री सुखधाम । प्रणवों सावित्री स्वधा स्वाहा पूरन काम ॥ २॥ भूर्भुवः स्वः ॐ युत जननी । गायत्री नित कलिमल दहनी ॥॥ अक्षर चौविस परम पुनीता । इनमें बसें शास्त्र श्रुति गीता ॥॥ शाश्वत सतोगुणी सत रूपा । …
Read More »Bhajan/Aarti / Mantra/ Chalisa Lyrics
कबीर भजन (काव्य)
उमरिया धोखे में खोये दियो रे। धोखे में खोये दियो रे। पांच बरस का भोला-भाला बीस में जवान भयो। तीस बरस में माया के कारण, देश विदेश गयो। उमर सब …. चालिस बरस अन्त अब लागे, बाढ़ै मोह गयो। धन धाम पुत्र के कारण, निस दिन सोच भयो।। बरस पचास कमर भई टेढ़ी, सोचत खाट परयो। लड़का बहुरी बोलन लागे, …
Read More »श्री कृष्ण चालीसा
श्री कृष्ण चालीसा (Shri Krishna Chalisa in Hindi) ॥दोहा॥ बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम। अरुण अधर जनु बिम्बफल, नयन कमल अभिराम॥ पूर्ण इन्द्र, अरविन्द मुख, पीताम्बर शुभ साज। जय मनमोहन मदन छवि, कृष्णचन्द्र महाराज॥ जय यदुनंदन जय जगवंदन।जय वसुदेव देवकी नन्दन॥ जय यशुदा सुत नन्द दुलारे। जय प्रभु भक्तन के दृग तारे॥ जय नटनागर, नाग नथइया॥ कृष्ण …
Read More »श्री लक्ष्मी चालीसा
॥ दोहा॥ मातु लक्ष्मी करि कृपा, करो हृदय में वास। मनोकामना सिद्घ करि, परुवहु मेरी आस॥ ॥ सोरठा॥ यही मोर अरदास, हाथ जोड़ विनती करुं। सब विधि करौ सुवास, जय जननि जगदंबिका॥ ॥ चौपाई ॥ सिन्धु सुता मैं सुमिरौ तोही। ज्ञान बुद्घि विघा दो मोही ॥ तुम समान नहिं कोई उपकारी। सब विधि पुरवहु आस हमारी॥ जय जय जगत जननि …
Read More »संतोषी माता की चालीसा (Santoshi Mata Chalisa)
संतोषी माता को हिन्दू धर्म में गणेश जी की पुत्री माना जाता है, हालांकि इस बात का प्रमाण पुराणों में नहीं है। उत्तर भारत में माता संतोषी की पूजा के लिए शुक्रवार का व्रत करने का विधान है। शुक्रवार के दिन मां संतोषी की पूजा में निम्न चालीसा का भी प्रयोग किया जाता है। संतोषी माता की चालीसा (Santoshi Mata …
Read More »मैया जी के दरबार में
घबरा नहीं अब तू खड़ा मैया जी के दरबार में। होंगी मुरादें पूरी बन्दे तेरी सब इक बार में। छँट जाएगी सब कालिमा, मिट जाएगा तेरा भरम, खुशियों से घर भर जाएगा, हो जाएँगे ऐसे करम। जग जाएगी किस्मत, बड़ा सुख पाएगा संसार में, होंगी मुरादें पूरी बन्दे तेरी सब इकबार में। क्यों रो रहा है पोंछ आँसू, सब्र से …
Read More »श्री शनि चालीसा
श्री शनि चालीसा (Shri Shani Chalisa) ॥दोहा॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल। दीनन के दुख दूर करि, कीजै नाथ निहाल॥ जय जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महाराज। करहु कृपा हे रवि तनय, राखहु जन की लाज॥ जयति जयति शनिदेव दयाला। करत सदा भक्तन प्रतिपाला॥ चारि भुजा, तनु श्याम विराजै। माथे रतन मुकुट छबि छाजै॥ परम विशाल मनोहर …
Read More »शीतला चालीसा
दोहा :- जय जय माता शीतला तुमही धरे जो ध्यान। होय बिमल शीतल हृदय विकसे बुद्धी बल ज्ञान।। घट घट वासी शीतला शीतल प्रभा तुम्हार। शीतल छैंय्या शीतल मैंय्या पल ना दार।। चौपाई :- जय जय श्री शीतला भवानी। जय जग जननि सकल गुणधानी।। गृह गृह शक्ति तुम्हारी राजती। पूरन शरन चंद्रसा साजती।। विस्फोटक सी जलत शरीरा। शीतल करत हरत …
Read More »श्री शिवा चालीसा
सावन मास में शिव चालीसा पढ़ने का अलग ही महत्व है। शिव चालीसा के माध्यम से आप अपने सारे दुखों को भूला कर भगवान शिव की अपार कृपा प्राप्त कर सकते हैं। || चौपाई || अज अनादि अविगत अलख, अकल अतुल अविकार। बंदौं शिव-पद-युग-कमल अमल अतीव उदार॥ आर्तिहरण सुखकरण शुभ भक्ति -मुक्ति -दातार। करौ अनुग्रह दीन लखि अपनो विरद विचार॥ …
Read More »श्री विंध्यशवरी चालीसा
नमो-नमो विन्ध्येश्वरी, नमो-नमो जग्दम्ब । सन्त जनों के काज में, करती नहीं विलम्ब ॥ जय जय जय विन्ध्याचल रानी। आदि शक्ति जग विदित भवानी॥ सिंहवाहिनी जय जग माता। जय जय जय त्रिभुवन सुखदाता॥ कष्ट निवारिनि जय जग देवी। जय जय सन्त असुरसुर सेवी॥ महिमा अमित अपार तुम्हारी। शेष सहस मुख वर्णत हारी॥ दीनन के दुख हरत भवानी। नहिं देख्यो तुम …
Read More »
पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…