पञ्चतंत्र की ये कहानियाँ कब और क्यों लिखीं गईं ,इसके पीछे एक अत्यंत रोचक इतिहास है। कहते हैं कि प्राचीन काल में पाटलीपुत्र में ; जो आज पटना के नाम से विख्यात है, एक सुदर्शन नाम का अत्यंत गुणी राजा राज्य करता था।एक दिन उस राजा ने किसी कवि के द्वारा पढ़े जाते हुए दो श्लोक सुने जिनका भाव कुछ …
Read More »Gyan Ganga
मनहूस पेड़
वर्षों की मेहनत के बाद एक किसान ने एक सुन्दर बागीचा बनाया . बागीचे के बीचो-बीच एक बड़ा सा पेड़ था जिसकी छाँव में बैठकर सुकून का अनुभव होता था . एक दिन किसान का पड़ोसी आया , बागीचा देखते ही उसने कहा , “ वाह ! बागीचा तो बहुत सुन्दर है , पर तुमने बीच में ये मनहूस पेड़ क्यों लगा …
Read More »आखिरी काम !
एक बूढ़ा कारपेंटर अपने काम के लिए काफी जाना जाता था , उसके बनाये लकड़ी के घर दूर -दूर तक प्रसिद्द थे . पर अब बूढा हो जाने के कारण उसने सोचा कि बाकी की ज़िन्दगी आराम से गुजारी जाए और वह अगले दिन सुबह-सुबह अपने मालिक के पास पहुंचा और बोला , ” ठेकेदार साहब , मैंने बरसों आपकी सेवा …
Read More »पैरों के निशान
जन्म से ठीक पहले एक बालक भगवान से कहता है,” प्रभु आप मुझे नया जन्म मत दीजिये , मुझे पता है पृथ्वी पर बहुत बुरे लोग रहते है…. मैं वहाँ नहीं जाना चाहता …” और ऐसा कह कर वह उदास होकर बैठ जाता है । भगवान् स्नेह पूर्वक उसके सर पर हाथ फेरते हैं और सृष्टि के नियमानुसार उसे जन्म …
Read More »अच्छे लोग बुरे लोग !
बहुत समय पहले की बात है. एक बार एक गुरु जी गंगा किनारे स्थित किसीगाँव में अपने शिष्यों के साथ स्नान कर रहे थे . तभी एक राहगीर आया और उनसे पूछा , ” महाराज, इस गाँव में कैसे लोग रहते हैं, दरअसल मैं अपने मौजूदा निवास स्थान से कहीं और जाना चाहता हूँ ?” गुरु जी बोले, ” जहाँ तुम …
Read More »बन्दर-की-सीख
बंदरों का सरदार अपने बच्चे के साथ किसी बड़े से पेड़ की डाली पर बैठा हुआ था . बच्चा बोला , ” मुझे भूख लगी है , क्या आप मुझे खाने के लिए कुछ पत्तियां दे सकते हैं ?” बन्दर मुस्कुराया , ” मैं दे तो सकता हूँ , पर अच्छा होगा तुम खुद ही अपने लिए पत्तियां तोड़ लो. …
Read More »गार्बेज ट्रक
एक दिन एक आदमी टैक्सी से एअरपोर्ट जा रहा था . टैक्सी वाला कुछ गुनगुनाते हुए बड़े इत्मीनान से गाड़ी चला रहा था कि अचानक एक दूसरी कार पार्किंग से निकल कर रोड पर आ गयी , टैक्सी वाले ने तेजी से ब्रेक लगायी , गाड़ी स्किड करने लगी और बस एक -आध इंच से सामने वाली कार से लड़ते …
Read More »दोस्ती की आग
अली नाम के एक लड़के को पैसों की सख्त ज़रुरत थी . उसने अपने मालिक से मदद मांगी . मालिक पैसे देने को तैयार हो गया पर उसने एक शर्त रखी . शर्त ये थी कि अली को बिना आग जलाये कल की रात पहाड़ी की सबसे ऊँची चोटी पर बितानी थी , अगर वो ऐसा कर लेता तो उसे एक बड़ा इनाम मिलता …
Read More »नज़रिया
अर्जेंटीना के गोल्फर रॉबर्टो डी वीन्सेन्ज़ो अपने दौर के बहुत बड़े गोल्फ खिलाडी रहे हैं . उन्होंने अपने करियर के दौरान दुनिया भर में 230 से अधिक टूर्नामेंट्स जीते . पर वे सिर्फ अपने शानदार खेल के लिए ही नहीं बल्कि अपने पॉजिटिव ऐटिट्यूड के लिए भी जाने जाते हैं . आइये हम उनकी लाइफ से रिलेटेड एक दिल छू …
Read More »सबसे बड़ा गुरू
गुरु द्रोणाचार्य, पाण्डवोँ और कौरवोँ के गुरु थे, उन्हेँ धनुर्विद्या का ज्ञान देते थे। एक दिन एकलव्य जो कि एक गरीब शुद्र परिवार से थे. द्रोणाचार्य के पास गये और बोले कि गुरुदेव मुझे भी धनुर्विद्या का ज्ञान प्राप्त करना है आपसे अनुरोध है कि मुझे भी आपका शिष्य बनाकर धनुर्विद्या का ज्ञान प्रदान करेँ। किन्तु द्रोणाचार्य नेँ एकलव्य को अपनी विवशता बतायी और …
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