शमी वृक्ष के पूजन को लेकर कई कहानियां प्रचलित हैं। लेकिन शमी वृक्ष के पूजन के पीछे एक वजह यह है भी बताते हैं कि महाभारत के युद्ध में पांडवों ने इसी वृक्ष के ऊपर अपने हथियार छुपाए थे जिसके बाद में उन्हें कौरवों से जीत प्राप्त हुई थी। इसी कारण क्षत्रियों में इस पूजन का महत्व ज्यादा है। मान्यता …
Read More »Pooja Paath
बिल्व वृक्ष का महत्त्व जानकर हैरान हो जाएंगे आप।
भगवान शिव से जुड़े होने के कारण बेल के पेड़ या बिल्व वृक्ष का भी काफी धार्मिक महत्त्व है। कहा जाता है कि भगवान शिव को बिल्वपत्र चढ़ाने से वे प्रसन्न होते हैं। मंदिरों और घर के आसपास बेल का पेड़ होना शुभ माना जाता है। बिल्व अथवा बेल विश्व के कई हिस्सों में पाया जाने वाला वृक्ष है। भारत …
Read More »Work of Krishnananda Saraswati
Work of Krishnananda Saraswati Worshipful Sri Swami Krishnanandaji Maharaj took birth on the 25th of April, 1922, and was named Subbaraya. He was the eldest of five children in a highly religious and orthodox Brahmin family well versed in the Sanskrit language, the influence of which was very profound on the young boy. He attended high school in Puttur (South …
Read More »Dos Nivaran Pooja
Pitra Dosh is one of the most misinterpreted concepts of Vedic astrology; as many astrologers describe it as the curse of ancestors and accordingly they suggest remedies to pacify and please the ancestors, so that such ancestors may take back their curse. For this reason, these astrologers recommend their clients to get Pitra Dosh nivaran pooja performed at places like …
Read More »श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग
श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग गुजरात प्रान्त के द्वारकापुरी से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर अवस्थित है। यह स्थान गोमती द्वारका से बेट द्वारका जाते समय रास्ते में पड़ता है। इसके अतिरिक्त नागेश्वर नाम से दो अन्य शिवलिंगों की भी चर्चा ग्रन्थों में है। मतान्तर से इन लिंगों को भी कुछ लोग ‘नागेश्वर ज्योतिर्लिंग (Nageshvara Jyotirling) कहते हैं। इनमें से एक …
Read More »भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग
शिव पुराण के अनुसार भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग (Bhimashankar Jyotirling in Pune) असम प्रान्त के कामरूप जनपद में ब्रह्मरूप पहाड़ी पर स्थित है। इस शिवलिंग को लेकर कई मतभेद हैं। वर्तमान में यह महाराष्ट्र में स्थित है। कहते हैं जो भी मनुष्य प्रतिदिन प्रातः काल उठकर इस ज्योतिर्लिंग से सम्बन्धित श्लोकों का पाठ करता हुआ शिवलिंग का ध्यान करता है, उसके सात …
Read More »श्री शिवा चालीसा
सावन मास में शिव चालीसा पढ़ने का अलग ही महत्व है। शिव चालीसा के माध्यम से आप अपने सारे दुखों को भूला कर भगवान शिव की अपार कृपा प्राप्त कर सकते हैं। || चौपाई || अज अनादि अविगत अलख, अकल अतुल अविकार। बंदौं शिव-पद-युग-कमल अमल अतीव उदार॥ आर्तिहरण सुखकरण शुभ भक्ति -मुक्ति -दातार। करौ अनुग्रह दीन लखि अपनो विरद विचार॥ …
Read More »वसंत पंचमी के दिन क्यों होती हैं विद्या की देवी की पूजा ?
वसंत पंचमी या श्रीपंचमी एक हिन्दू त्योहार है । इस दिन विद्या की देवी सरस्वती की पूजा की जाती है । सृष्टि के प्रारंभिक काल में भगवान विष्णु की आज्ञा से ब्रह्मा ने जीवों, खासतौर पर मनुष्य योनि की रचना की । अपनी सर्जना से वे संतुष्ट नहीं थे । उन्हें लगता था कि कुछ कमी रह गई है जिसके …
Read More »सावन के पवित्र महीनें में जानिए शिवजी के पवित्र धामों के बारें में
हिन्दू धर्म में सोमनाथ मंदिर का अपना एक अलग ही स्थान है। सोमनाथ मंदिर को 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला स्थान प्राप्त है। गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि इसका निर्माण स्वयं चन्द्रदेव ने किया था। इतना ही नहीं, कहते हैं महादेव अपने दरबार से किसी भी भक्त को खाली नहीं लौटने …
Read More »हरि ॐ क्यों
वेद पाठ के आरम्भ में मन्त्रोच्चारण से पूर्व हरि ॐ, उच्चारण करना वैदिकों की परम्परागत प्रणाली है इसका तात्पर्य यह है कि वेद के अशुद्ध उच्चारण में महापातक लगता है और बहुत सावधान रहने पर भी मनुष्य स्वभाव सुलभ स्वर वर्ण जन्य अशुद्धी हो जाने की पूरी सम्भावना रहती है अत: इस सम्भावित प्रत्यवाय की निवृति के लिए आदि और …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…