बहुत समय पहले की बात है। विजयनगर नाम का राज्य था। वहां के राजा थे कृष्णदेव राय। वह हमेशा अपनी प्रजा और राज्य के सुख व शांति के लिए काम करते रहते थे। उनके राज्य में तेनालीराम नाम का एक कवि भी था, जो बेहद ही चतुर और बुद्धिमान था। इसी कारण राजा बिना उसकी सलाह के कोई भी काम …
Read More »Story Katha
ज्ञानी बालक और राजा की कहानी!!
कई वर्षों पहले की बात है। युधिष्ठिर नाम का एक राजा हुआ करता था। उसे शिकार का बड़ा शौक था। एक बार वह अपने सैनिकों के साथ शिकार के लिए जंगल गया हुआ था। वो जंगल काफी घना था। शिकार की तलाश में वह जंगल में काफी अंदर तक चला गया था। तभी वहां अचानक तेज तूफान आ गया। सब …
Read More »मुल्ला नसरुद्दीन और बेईमान काजी की कहानी!!
एक दिन मुल्ला नसरुद्दीन किसी काम से बाजार गए थे। तभी अचानक एक अनजान व्यक्ति उनके सामने आता है और उन्हें थप्पड़ मार देता है। मुल्ला को कुछ समझ नहीं आता कि उन्हें किसने और क्यों थप्पड़ मारा। थप्पड़ मारने के बाद वह अनजान व्यक्ति उनसे हाथ जोड़कर माफी मांगने लगता है। वह कहता है, “मुल्ला जी, मुझे माफ कर …
Read More »अकबर बीरबल की कहानी: चोर की दाढ़ी में तिनका!!
एक बार की बात है, बादशाह अकबर की सबसे प्यारी अंगूठी अचानक गुम हो गई थी। बहुत ढूंढने पर भी वह नहीं मिली। इस कारण बादशाह अकबर चिंतित हो जाते हैं और इस बात का जिक्र बीरबल से करते हैं। इस पर बीरबल, महाराजा अकबर से पूछते हैं, ‘महाराज, आपने अंगूठी कब उतारी थी और उसे कहां रखा था।’ बादशाह …
Read More »मुल्ला नसरुद्दीन और भिखारी!!
मुल्ला नसरुद्दीन अक्सर मजाक-मजाक में बड़ा सबक सिखा देते थे। एक दिन एक भिखारी मुल्ला नसरुद्दीन के घर के सामने आया। मुल्ला नसरुद्दीन आराम से पहली मंजिल पर बैठ कर चाय पी रहे थे। मुल्ला जी को देखकर भिखारी बोला, “अरे जनाब जरा नीचे आइए आपसे कुछ काम है।” मुल्ला नसरुद्दीन भिखारी से बोले, “क्या काम है नीचे से ही …
Read More »एकता में बल की कहानी !!
किसी गांव में एक किसान रहता था। उसके चार पुत्र थे। किसान बहुत ही मेहनती था। यही कारण था कि उसके सभी पुत्र भी अपने हर काम को पूरी मेहनत और ईमानदारी से किया करते थे, लेकिन परेशानी यह थी कि किसान के सभी पुत्रों की आपस में बिल्कुल भी नहीं बनती थी। वो सभी छोटी-छोटी बात पर आपस में …
Read More »महाभारत की कहानी: भीष्म पितामह के पांच चमत्कारी तीर!!
यह बात उस समय की है, जब कुरुक्षेत्र में कौरवों और पांडवों के बीच युद्ध चल रहा था। पितामह भीष्म कौरवों की ओर से युद्ध लड़ रहे थे, लेकिन कौरवों के सबसे बड़े भाई दुर्योधन को लगता था कि भीष्म पितामह पांडवों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते हैं। दुर्योधन का मानना था कि पितामह भीष्म बहुत शक्तिशाली हैं और पांडवों …
Read More »मुंशी प्रेमचंद की कहानी: शूद्र!!
गांव के सिरे पर एक मां-बेटी झोपड़ी में रहती थी। मां विधवा थी तो बेटी कुवांरी। घर में और कोई आदमी न था। बेटी गौरा बाग से पत्तियां बटोर कर लाती तो मां गंगा भाड़ झोंकती थी। इससे सेर भर अनाज मिल जाता तो दोनों खाकर सो पड़ती थी। इसी से उनका गुजर-बसर हो रहा था। हर मां की तरह …
Read More »सिंहासन बत्तीसी की सताइसवीं कहानी – मलयवती पुतली की कथा!!
राजा भोज के मन में कैसे भी करके महाराज विक्रमादित्य के सिंहासन पर बैठने की लालसा थी लेकिन हर बार उनको सिंहासन में चिपकी हुई पुतली रोक लेती थी। और उन्हें कहानी के माध्यम से महाराज विक्रमादित्य के गुणों के बारे में बतातीं थीं जो राजा भोज में नहीं थे, जिस कारण राजा भोज सिंहासन पर नहीं बैठ पाते थे। …
Read More »छद्दन्द हाथी की कहानी – जातक कथा !!
हिमालय के घने वनों में कभी सफेद हाथियों की दो विशिष्ट प्रजातियाँ हुआ करती थीं – छद्दन्त और उपोसथ। छद्दन्त हाथियों का रंग सफेद हुआ करता था और उनके छ: दाँत होते थे। (ऐसा पालि साहित्य मे उल्लिखित है।) छद्दन्त हाथियों का राजा एक कंचन गुफा में निवास करता था। उसके मस्तक और पैर माणिक के समान लाल और चमकीले …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…