रथ सप्तमी व्रत विधि भगवान सूर्य देव को समर्पित “रथ सप्तमी” का व्रत माघ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को रखा जाता है। मान्यता है इस दिन किए गए स्नान, दान, होम, पूजा आदि सत्कर्म हजार गुना अधिक फल देते हैं। रथ सप्तमी व्रत विधि: भविष्यपुराण अनुसार माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को एक समय …
Read More »Vrat & Festivals
भीमाष्टमी पर्व
भीष्म पितामह की जीवन गाथा माघ माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी को प्रतिवर्ष भीमाष्टमी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भीष्म पितामह ने अपने शरीर को छोडा़ था, इसीलिए यह दिन उनका निर्वाण दिवस है। पौराणिक कथा के अनुसार- भीष्म पितामह का असली नाम देवव्रत था। वे हस्तिनापुर के राजा शांतनु की पटरानी गंगा की कोख से …
Read More »माघी पूर्णिमा Magha Purnima
माघी पूर्णिमा पर दान–धर्म का महत्व सर्वार्थ सिद्धि एवं पुष्यामृत योग माघ पूर्णिमा पर किए गए दान-धर्म और स्नान का विशेष महत्व होता है। पंचांग के मुताबिक ग्यारहवें महीने यानी माघ में स्नान, दान, धर्म-कर्म का विशेष महत्व है। जब कर्क राशि में चंद्रमा और मकर राशि में सूर्य का प्रवेश होता है तब माघ पूर्णिमा का योग बनता है। इस …
Read More »Kumbha Sankranti
During Kumbha Sankranti the Sun is in a transitory phase and is moving from Makar Rashi to Kumbha Rashi. Of the twelve Sankranti that occur during any given year, Kumbha Sankranti is the eleventh in the year. Many communities across Eastern India celebrate Kumbha Sankranti with full religious fervor. Kumbha Sankranti is also closely associated with Kumbh Mela which is …
Read More »विजया एकादशी
एकादशी के व्रत को समाप्त करने को पारण कहते हैं। एकादशी व्रत के अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण किया जाता है। एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले करना अति आवश्यक है। यदि द्वादशी तिथि सूर्योदय से पहले समाप्त हो गयी हो तो एकादशी व्रत का पारण सूर्योदय के बाद ही होता है। द्वादशी तिथि के …
Read More »महाशिवरात्रि
महाशिवरात्रि व्रत महाशिवरात्रि व्रत में उपवास का बड़ा महत्व होता है। इस दिन शिव भक्त शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग का विधि पूर्वक पूजन करते हैं और रात्रि जागरण करते हैं। भक्तगणों द्वारा लिंग पूजा में बेल-पत्र चढ़ाना, उपवास और रात्रि जागरण करना एक विशेष कर्म की ओर इशारा करता है। पौराणिक मान्यता है कि इसी दिन भोलेनाथ की शादी …
Read More »अमावस्या
अमावस्या तिथि का रहस्यमय प्रभाव अमावस्या तिथि को सूर्य और चंद्रमा एक साथ होते हैं। एवं चंद्रमा आकाश में दिखाई नहीं देते हैं अर्थात सूर्य व् चंद्रमा का अंतर ३४९ से ३६० अंश तक एवं शून्य हो जाता है। अमावस्या को चन्द्र मास की तीसवीं तिथि माना गया है। अमावस्या तिथि के स्वामी पितृ देव माने गए हैं। अमावस्या तिथि …
Read More »कामदा एकादशी
कामदा एकादशी चैत्र शुक्ल पक्ष एकादशी को मनाई जाती है। इस दिन भगवान वासुदेव का पूजन किया जाता है। व्रत के एक दिन पूर्व (दशमी की दोपहर) जौ, गेहूं और मूंग आदि का एक बार भोजन करके भगवान का स्मरण करें और दूसरे दिन अर्थात एकादशी को प्रात: स्नानादि से निवृत्त होकर व्रत का संकल्प करके भगवान की पूजा अर्चना …
Read More »आमलकी एकादशी
आमलकी एकादशी व्रत शुक्ल पक्ष की एकादशी को किया जाता है. इस व्रत में आंवले के वृक्ष की पूजा करने का विधि-विधान है. इस व्रत के विषय में कहा जाता है, कि यह एकादशी समस्त पापों का नाश करने वाली है. सौ गायों को दान में देने के उपरान्त जो फल प्राप्त होता है. वही फल आमलकी एकादशी का व्रत …
Read More »होली
होली एक रंगबिरंगा मस्ती भरा पर्व है। इस दिन सारे लोग अपने पुराने गिले–शिकवे भूल कर गले लगते हैं और एक दूजे को गुलाल लगाते हैं। बच्चे और युवा रंगों से खेलते हैं। फाल्गुन मास की पुर्णिमा को यह त्योहार मनाया जाता है। होली के साथ अनेक कथाएं जुड़ीं हैं। होली मनाने के एक रात पहले होली को जलाया जाता …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…