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Gyan Ki Baat

सोच का असर !!

किसी गांव में भोला नाम का एक गोयला रहता था। उसने अपने घर में बहुत सारी गाय पाल रखी थी। वह उन्ही गायों का दूध बेचकर अपना पेट पालता था। भोला काफी समझदार व्यक्ति था। भोला के दो बेटे थे, सोनू और मोनू। सोनू और मोनू स्कूल में पढाई करते थे और साथ ही पिता के काम में हाथ भी …

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एक अंधे भिखारी की कहानी !!

किसी गांव में दो सगे भाई रहते थे। बड़ा भाई अमीर था, उसके पास किसी भी चीज़ की कमी नहीं थी। छोटा भाई गरीब था। मेहनत और मजदूरी करके अपने और अपने बच्चों के पेट भरता था। एक दिन, दोनों भाइयों में बहस होने लगी। बड़े भाई ने कहा, “भले का भला नहीं होता। आज के दुनिआ में भले को …

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जैसा अन्न वैसा मन

जैसा अन्न वैसा मन एक बार एक ऋषि ने सोचा कि लोग गंगा में पाप धोने जाते हैं, तो इसका मतलब हुआ कि सारे पाप गंगा में समा गए और गंगा भी पापी हो गयी ! अब यह जानने के लिए तपस्या की, कि पाप कहाँ जाता हैं ? तपस्या करने के फलस्वरूप देवता प्रकट हुए , ऋषि ने पूछा …

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झांसी की महारानी लक्ष्मीबाई का बेटा दामोदर राव

झांसी के अंतिम संघर्ष में महारानी की पीठ पर बंधा उनका बेटा दामोदर राव (असली नाम आनंद राव) सबको याद है. रानी की चिता जल जाने के बाद उस बेटे का क्या हुआवो कोई कहानी का किरदार भर नहीं था, 1857 के विद्रोह की सबसे महत्वपूर्ण कहानी को जीने वाला राजकुमार था जिसने उसी गुलाम भारत में जिंदगी काटी, जहां …

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गंगा जल

अमेरिका में एक लीटर गंगाजल 250 डालर में क्यों मिलता है ? सर्दी के मौसम में कई बार खांसी हो जाती है। जब डॉक्टर से खांसी ठीक नही हुई तो किसी ने बताया कि डाक्टर से खांसी ठीक नहीं होती तब गंगाजल पिलाना चाहिए।गंगाजल तो मरते हुए व्यक्ति के मुंह में डाला जाता है, हमने तो ऐसा सुना है ; …

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मैं इस_VIP दर्शन का विरोध करता हूं

ना #मस्जिदों में VIP टिकट है, ना #गुरुद्वारा में और ना ही किसी #Church में, वहां #अमीर #गरीब सब एक साथ अपने ईश्वर का पूजा करते है, इसी से उनमें एकता है ,अब आते हैं हमारे हिंदू धर्म में, हाल में ही मेरे मित्र #विश्वनाथजी के मन्दिर गया था बनारस, आज से कुछ वर्ष पहने वहां ना वीआईपी लाइन थी …

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जय श्री राम

कई लोग ये पूछते हैं कि श्रीराम ने धनुष उठा कर स्वयंवर की शर्त तो पूरी कर ही दी थी, फिर उस धनुष को भंग करने की क्या आवश्यकता थी?यदि आप मेरा दृष्टिकोण पूछें तो मैं यही कहूंगा कि उस धनुष की आयु उतनी ही थी। अपना औचित्य (देवी सीता हेतु श्रीराम का चुनाव) पूर्ण करने के उपरांत उस धनुष …

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DoYouKnow

भारत में पहले बैडमिंटन को ‘पूना’ कहा जाता था। ऐसा इसलिए, क्योंकि यह पूना शहर में प्रसिद्ध खेल था। भारत में पूना, पहला शहर था, जहाँ बैडमिंटन को लेकर नियम बनाए गए थे। ऐसा माना जाता है कि बैडमिंटन की शुरुआत भारत में सबसे पहले हुई थी, क्योंकि इस तरह का एक और खेल – बॉल बैडमिंटन के नाम से …

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वासुदेव बलवंत फड़के

अगर बात करे भारतीय स्वतंत्रता की क्रांति और उन क्रांतिकारियों की जिनकी वजह से देश को आजादी मिली तो इतिहास की रेत में शायद हज़ारों नाम दबे मिले। पर हम सिर्फ कुछ नामों से ही रु-ब-रु हुए हैं। वैसे तो भारत माँ के इन सभी सपूतों के बारे में जानकारी सहेजने की कोशिश जारी है ताकि आने वाली हर पीढ़ी …

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भोजन संस्कृति

हमने कभी वेदों का अध्ययन नही किया,हमने कभी गीता पढ़कर उसे अमल में लाने का प्रयास नही किया,हमने योग विद्या को कभी नही अपनाया,हमने आयुर्वेद में कोई अनुसंधान नही किया,हमने संस्कृत भाषा को कोई महत्व नही दिया ऐसी बहुत सी अच्छी और महत्वपूर्ण चीजें है जो हमारे पूर्वज हमारे बुजुर्ग हमे विरासत में दे गए पर हम पाश्चात्य संस्कृति अपनाने …

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