एक संत थे। उनके पास एक कीमती कम्बल था। एक दिन कोई वह कम्बल चुरा ले गया। कुछ दिन संत ने बाजार में एक व्यक्ति को वही कम्बल एक दुकानदार को बेचते देखा। दुकानदार उस व्यक्ति से कह रहा था कि यह कम्बल तुम्हारा है या चोरी का। इस बात का क्या प्रमाण है? अगर कोई सज्जन व्यक्ति आकर गवाही …
Read More »Story for Children]
क्या अच्छा क्या बुरा!!
चीन के गांव में एक किसान था। उसका कहना था कि ईश्वर जो भी करते हैं, हमारे भले के लिए करते हैं। एक दिन उसका घोड़ा रस्सी तुड़ाकर जंगल की ओर भाग गया। इस पर उसके पड़ोसियों ने आकर दुख जताया। लेकिन किसान शांत रहा। दो दिन बाद किसान का घोड़ा वापस आ गया और अपने साथ तीन जंगली घोड़े …
Read More »नम्र बनो, कठोर नहीं!!
एक संत मृत्युशैया पर थे। उन्होंने अपने शिष्यों को अंतिम उपदेश के लिए अपने पास बुलाया। उन्होंने शिष्यों से कहा, “जरा मेरे मुंह में देखो कितने दांत शेष बचे हैं? शिष्यों ने बताया “महाराज आपके दांत तो कई वर्ष पहले ही टूट चुके हैं। अब तो एक भी नही बचे। संत ने कहा, ” अच्छा देखो जीभ है या वह …
Read More »कर्म करो!!
एक लकड़हारा रोज जंगल लकड़ी काटने जाता था। वहां उसे रोज एक अपाहिज लंगड़ी लोमड़ी दिखाई पड़ती थी। वह सोचता जंगल में इसे भोजन कैसे प्राप्त होता होगा? जबकि यह शिकार भी नहीं कर सकती। एक दिन उसने सोचा कि आज मैं पता लगाऊंगा की यह जीवित कैसे है? लकड़हारा उसी के पास के एक वृक्ष पर चढ़कर बैठ गया। …
Read More »अनपढ़ मल्लाह!!
एक गणित के अध्यापक को अपने ज्ञान का बहुत घमंड था। एक बार उनको नदी पार कहीं जाना था। वे एक नाव में बैठ गए। नाविक एक बूढ़ा मल्लाह था। नाव चल पड़ी। थोड़ी दूर जाने के बाद उन्होंने मल्लाह से पूछा, “क्या तुमको गणित आती है?” नाविक ने जवाब दिया, “नहीं।” इस पर शिक्षक बोले, “तब तो तुम्हारी चार …
Read More »संकट का साथी!!
एक शिकारी था। आज पूरा दिन घूमने के बाद भी उसे कोई शिकार नहीं मिला। क्रोधित होकर वह घने जंगल में घुस गया। उसके पास एक घातक विषबुझा तीर था। क्रोधवश आज उसने उस तीर का प्रयोग करने का निर्णय लिया। थोड़ी देर बाद उसे हिरनों का एक झुंड दिखाई पड़ा। उसने निशाना साध कर तीर चला दिया। लेकिन निशाना …
Read More »लक्ष्मी और भाग्य !!
एक नगर में एक सेठ रहता था। उसके पास अपार धन संपदा थी। उसका एक ही पुत्र था। कालांतर में सेठ के परलोकगमन के उपरांत उसके पुत्र ने कुसंगति के प्रभाव में सारा धन नष्ट कर दिया। अब उसे खाने के लाले पड़ गए। तब उसकी पत्नी ने कहा, “स्वामी ! अगर हम दोनों काम करें तो तो हमारी समस्याएं …
Read More »जैसा राजा वैसी प्रजा!!
महिलारोप्य राज्य का राजा महेंद्र वर्मन एक योग्य शासक था। वह अपनी प्रजा को पुत्रवत मानता था। उसी प्रकार वह प्रजा के सुख दुख का ध्यान रखता था। कोई भी व्यक्ति कभी भी उससे मिलकर अपनी समस्या बता सकता था। उसके राज्य में सभी सुखी थे। किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं थी। लेकिन राजा महेंद्र वर्मन हमेशा सोचता कि …
Read More »मन की पवित्रता!!
एक समय की बात है। एक नगर के बाहर एक सन्यासी का भव्य आश्रम था। उन सन्यासी महाराज का नगर में बड़ा नाम था। वे बड़े नियम और धर्मपूर्वक जीवन व्यतीत करते थे। रोज सैकड़ों लोग उनके दर्शन को आते। बाहर से देखने पर वे बड़े संयमित और धीर गंभीर लगते थे। परंतु सच्चाई यह थी कि उनका मन बड़ा …
Read More »नाम का महत्व!!
एक बालक था। उसके निरक्षर माता पिता ने उसका नाम पापक रख दिया। जिसका अर्थ होता है पाप करने वाला। उन्हें अर्थ का पता नहीं था। जब बालक कुछ बड़ा हुआ और पढ़ने गया तब उसे अपने नाम का अर्थ पता चला। इससे उसे बड़ी खिन्नता हुई। उसने सोचा कि अपना नाम बदल लिया जाय। इसलिए वह अपने गुरु के …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…