
हरि को नामु सदा सुखदाई ॥
जाको सिमरि अजामिल तरियो गनिका हू गति पाई ॥
पांचाली को राज सभा में राम नाम सुधि आई ॥
ताको दुःख हरयो करुणामय, अपनी पैज बढाई ॥
जेहि नर जसु कृपानिधि गायो ता को भयो सहाई ॥
कहु नानक मै यही भरोसो आन गयो शरनाई ||

हरि को नामु सदा सुखदाई ॥
जाको सिमरि अजामिल तरियो गनिका हू गति पाई ॥
पांचाली को राज सभा में राम नाम सुधि आई ॥
ताको दुःख हरयो करुणामय, अपनी पैज बढाई ॥
जेहि नर जसु कृपानिधि गायो ता को भयो सहाई ॥
कहु नानक मै यही भरोसो आन गयो शरनाई ||
इस कहानी में हरिराम नामक आदमी के बदलते दृष्टिकोण और उसकी नास्तिकता से बच्चे को दवा देने की भरपूर भावना को दर्शाया गया है।.........
पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…