बच्चों हम में से ऐसे बहुत से लोग हैं जो काम बिगड़ने पर किस्मत को दोष देते हैं और सारा का सारा भार किस्मत पर डाल देते हैं। लेकिन क्या ऐसा करना सही है या गलत? यह एक ऐसी कहानी है जो इसी बात पर आधारित है। दरअसल बात एक एथलीट की है जिसका नाम जिम थोर्प था। वह एक अमेरिकन एथलीट था जो ओलंपिक की रेस में हिस्सा लेने वाला था। दौड़ शुरू होने से पहले ही उसका जूता किसी ने चुरा लिया। अब वह क्या करता? क्या वह अपने किस्मत को दोष देकर रोने लग जाता या उस दौड़ में हिस्सा लेता? जिम ने अपने किस्मत को दोष ना देकर एक डस्टबिन में पड़े हुए खराब जूते को निकालकर पहना और दौड़ में हिस्सा लिया। दौड़ में हिस्सा लेकर उसने गोल्ड मेडल भी जीता। इसीलिए बच्चों कभी भी कुछ गलत हो जाने पर किस्मत को दोष नहीं देना। किस्मत को दोष देंगे तो कभी भी आगे नहीं बढ़ पाएंगे। जब कभी भी आपके साथ बुरा हो तो इस कहानी को जरूर याद करना।
पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…