कान्हा बीच बजरियाँ क्यों छेड़े मुझे
अदालत में खड़ो कराए दू तुझे
राधा मुझको डरायो न इन बातो से,
मारू कंकरियां मटकी फोडू झट से
करदू शिकायत यो तेरी कन्हियाँ
कैसे चरावे गा श्यामा तू गईयाँ,
अपनी बातो से कान्हा क्यों जोड़े मुझे
अदालत में खड़ो कराए दू तुझे
मात यशोदा सुनेगी न तेरी
समजाऊगा तू करे हीरा फेरी
राधा खेलो न तुम ऐसे जज्बातों से
मरू कंकड़ीया फोडू झट से,
हथ कडी तोहे कराए दू सांवरियां
रोके है रसता तू बीच गगरिया,
नागर दिल की लगी न यु छोड़ मुझे
अदालत में खड़ो कराए दू तुझे……………..
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